नसीमखान सांची
सांची ,,,
सांची में इन दिनों जब किसानों की गेहूं और चने की फसलें पूरी तरह तैयार होकर कटाई के शुरुआती दौर में पहुंच चुकी हैं, तभी अचानक मौसम ने करवट बदल ली है। आसमान में छाए घने बादल, तेज गड़गड़ाहट, हवाओं के साथ हुई बेमौसम बारिश ने किसानों के सामने नई मुसीबत खड़ी कर दी है।
जानकारी के अनुसार खेतों में जहां एक ओर हार्वेस्टर की आवाज गूंज रही थी और किसान अपनी सालभर की मेहनत को समेटने में जुटे थे, वहीं अचानक बदले मौसम ने उनके अरमानों पर पानी फेरने का काम किया। तेज हवाओं और बारिश के चलते कटाई कार्य रुक गया है, जिससे फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
इस बेमौसम बारिश का असर न केवल फसलों की गुणवत्ता पर पड़ सकता है, बल्कि तेज हवाओं के कारण फसलें खेतों में गिरने (आड़ी होने) का खतरा भी मंडरा रहा है। इससे उत्पादन और किसानों की आय पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।
किसानों का दर्द:
किसान संजीत वर्मा और ब्रजकिशोर पटेल ने चिंता जताते हुए कहा कि “पूरे साल की मेहनत अब कटाई के समय दांव पर लगी है। अगर बारिश और तेज हवा ऐसे ही जारी रही तो फसल को भारी नुकसान हो सकता है। हम जैसे-तैसे फसल को सुरक्षित घर लाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मौसम की मार से स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है।”
कटाई के ऐन मौके पर बदले मौसम ने किसानों की मेहनत को संकट में डाल दिया है, अब सबकी नजरें आसमान की मेहरबानी पर टिकी हैं।





