राजर्षि मिश्रा उमरिया
काग्रेश के समय जो समस्याएं पली बढ़ी और देश को दीमक की तरह कमजोर कर रही थी भारत के विकास के लिए बाधक बन चुकी थी जन मानस के मन मे भय ब्याप्त कर चुकी थी जिसे हम नक्सलवाद के नाम से जानते है जो धीरे धीरे छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश उड़ीसा सहित भारत के अन्य भागों में पैर जमा चुकी थी जो देश की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती दे रही थी। काग्रेश ने लंबे समय तक राज्यो सहित देश मे शासन किया वा वोट बैंक की राजनीति करके देश मे ही देश विरोधी नेटवर्क को बढ़ने दिया पोषण किया। उस बड़ी समस्या और नेटवर्क को भाजपा सरकार ने खत्म कर दिया। अब भारत नक्सलवाद मुक्त हो चुका है। जो बंधु नक्सलियों की गिरफ्त में आकर अलगाव के रास्ते चल रहे थे जो हाथों में हथियार उठा लिए थे लेकिन अपनी भूल मानते हुए सरकार के आह्वान पर हथियार जमाकर शांति और विकास का रास्ता चुना है सरकार उनके पुर्नवास की कार्यवाही कर उन्हें समाज वा विकाश की मुख्यधारा से जोड़ रही है। आजादी के बाद कई दशकों तक देश नक्सलवाद और माओवाद जैसी हिंसक चुनौतियों से पीड़ित रहा। यह समस्या केवल सुरक्षा का विषय नहीं था, बल्कि देश के विकास और आम नागरिकों के विश्वास के सामने एक बड़ी बाधा बन चुकी थी।लेकिन आज देश ने उस लंबे दौर से निर्णायक रूप से बाहर निकलकर एक नया इतिहास रच दिया है।“नक्सल मुक्त भारत” का संकल्प अब केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि साकार हुई वास्तविकता बन चुका है। यह दशकों पुराने भय और हिंसा के अंत की ऐतिहासिक घोषणा है।यह उपलब्धि आदरणीय प्रधानमंत्री श्रीमोदी जी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्रीअमित शाह जी के मजबूत नेतृत्व, स्पष्ट नीति और अटल संकल्प का परिणाम है।देश के वीर सुरक्षा बलों के साहस, समर्पण और बलिदान को नमन। नक्सलवाद के विरुद्ध इस ऐतिहासिक विजय पर समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई। यह आप सभी राष्ट्रप्रेमिओ के एक एक वोट की ताकत का परिणाम है।
भारत सरकार के यशस्वी गृहमंत्री आदरणीय अमित शाह जी ने एक डेट फिक्स कर दी थी 31 मार्च 2026 यह वह तारीख है जिसमे राश्ता भटक चुके या किसी सडयंत्र के शिकारों को इस्पस्ट चुनौती थी कि इस दिनांक तक आप हथियार जमा कर दीजिये हम आपके सुंदर जीवन हेतु संसाधन उपलब्ध करवाएंगे आपका पुनर्वास करेंगे सरकार आपके हितों का पूरा ध्यान रखेगी माननीय गृहमंत्री जी के आह्वान के बाद हमारे सुरक्षा बलों की मेहनत से बड़ी संख्या में नक्सली बन चुके लोग जो हमारे अपने ही थे लेकिन अलगाव और बिखराव का मार्ग पकड़ चुके थे ऐसे हजारों लोगों ने हथियार जमा कर शान्ति का रास्ता अपनाया। अमित शाह जी ने इस्पस्टरूप से कहा था 31 मार्च 2026 तक देश के हर कोने से से नक्सलवाद खत्म करदिया जाएगा। माननीय गृहमंत्री जी ने जो कहा वह सफलता और परिणाम में परिणित हो चुका है। बीते वर्षों से नक्सलियो माववादियो ने वामपंथी बामपंथी खूनी पंजे ने देश के कई राज्यो को लहूलुहान कर दिया था देश को आंतरिक रूप से बारूद के ढेर पर बिठा दिया था कई हजार से ज्यादा निर्दोषों की बेरहमी से हत्याएं हजारों सैनिको पुलिस के जवानों का बलिदान हुआ। नक्सली जंगलों को अपने कब्जे में लेकर आसपास के ग्रामो के छोटे छोटे बच्चो भोलेभाले लोगो के हाथों में हथियार देकर अपने राष्ट्र और समाज के विरुद्ध खड़ा कर दिया था।
ग्रामीण क्षेत्रों सहित नगरों के विकाश हेतु नक्सली ग्रहण बन चुके थे। स्कूल उड़ाओ फैक्ट्रियां उड़ाओ रोड़ उखाड़ो शिक्षक मारो इंजीनियर को मारो कर्मचारियों को मारो सबको मारो। अधिकारी कर्मचारियों सहित ठेकेदारों में जन प्रतिनिधियों मे भय ब्याप्त कर दो ताकि कोई काम न कर सके। ऐसी भीषण दरिंदगी भरी माओवादी नक्सली समस्या से देश को टाइम ओर तारीख देकर खत्म करने के लिए ।भारत के गृहमंत्री अमित शाह जी का अभिनन्दन पूरी दुनिया मे इतनी बड़ी समस्या को तारीख देकर खत्म कर दिया हो ऐसा नही सुना जो अमित शाह जी ने कर के दिखाया है।
काग्रेश सरकार की गतिविधियों का अवलोकन करें तो इस्पस्ट रूप से दिखाई पड़ता है कि देश की समस्याओं का निराकरण करने की जगह उसका उपयोग वोटबैंक के लिए किया गया था। माननीय मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पहले ही नक्सलमुक्त हो चुका था। अब छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र सहित अन्य प्रभावित राज्य भी इस दंश से मुक्त हो चुके है। यह भाजपा सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है केंद्र की मोदी सरकार वा राज्य की भाजपा सरकारों की सैयुक्त रणनीति ने देश को बड़ी समस्या से निकाला है। नक्सलवाद ऐसी बड़ी समस्या थी जिससे हमारे सुरक्षा बलों को देश के भीतर ही चुनौती मिल रही थी। बामपंथियों नक्सली देश को हर प्रकार से नुकसान पंहुचा रहे थे। नक्सलमुक्त भारत के बाद अब बामपंथी विचारों से मुक्ति का समय आ रहा है। जिस गति से राष्ट्र काग्रेश मुक्त हो रहा है उसी गति से भारत से समस्याओं की विदाई भी हो रही है।





