राजर्षि मिश्रा उमरिया
उमरिया। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष श्री दिलीप पाण्डेय ने केंद्र सरकार द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश की महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उनकी सरकार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अधिनियम न केवल महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाएगा, बल्कि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करेगा।
श्री पाण्डेय ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, लेकिन लंबे समय तक उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाया। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से अब संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण प्रदान कर उन्हें मुख्यधारा में लाने का एक सशक्त प्रयास किया गया है। यह कदम आने वाले समय में देश की राजनीति की दिशा और दशा दोनों को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं और नीतियां लागू की हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन और जन धन योजना जैसी पहलों ने महिलाओं के जीवन स्तर में व्यापक सुधार किया है। अब नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को राजनीतिक अधिकार देकर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में एक और मजबूत कदम उठाया गया है।
श्री पाण्डेय ने यह भी कहा कि यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम है। इससे समाज में महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव आएगा और उन्हें बराबरी का दर्जा देने की दिशा में ठोस पहल होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस अधिनियम के लागू होने के बाद देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे नीतियों और निर्णयों में अधिक संवेदनशीलता और संतुलन देखने को मिलेगा।
उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद विपक्षी दल महिलाओं को समान अधिकार देने के इस महत्वपूर्ण कदम को उठाने में विफल रहे। जबकि मोदी सरकार ने अपने मजबूत संकल्प और इच्छाशक्ति के बल पर इस ऐतिहासिक निर्णय को साकार किया है। यह दर्शाता है कि सरकार महिलाओं के विकास और उनके अधिकारों को लेकर कितनी गंभीर और प्रतिबद्ध है।
श्री पाण्डेय ने जिले की महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और राजनीति में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल होंगी, तब समाज का समग्र विकास संभव हो सकेगा। महिलाओं की भागीदारी से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि जनहित के मुद्दों को भी अधिक प्राथमिकता मिलेगी।
अंत में, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को पुनः धन्यवाद देते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम आने वाले समय में भारत को एक सशक्त, समावेशी और संतुलित समाज बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह निर्णय देश की महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें नए अवसर प्रदान करेगा और भारत को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगा।





