‘राजर्षि मिश्रा
जबलपुर में आज कॉर्पोरेट की ‘ग्रूमिंग पॉलिसी’ के खिलाफ युवाओं का आक्रोश फूट पड़ा। सदर स्थित लेंसकार्ट स्टोर के बाहर युवा साथियों ने प्रदर्शन किया।
विवाद का कारण कंपनी का वह फरमान है, जिसमें कार्यस्थल पर तिलक, कलावा और बिंदी जैसे धार्मिक प्रतीकों को ‘अव्यावसायिक’ बताकर उन पर रोक लगा दी गई थी।
स्वच्छ भारत अभियान के प्रदेश संयोजक और युवा आइकन के नेतृत्व में स्टोर पहुंचकर इस नीति का कड़ा विरोध किया और प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए ज्ञापन सौंपा।
चतुर्वेदी ने बताया
“कॉर्पोरेट की आड़ में हमारी आस्था को कुचलना बर्दाश्त नहीं। कार्यक्षमता का मापदंड ‘कौशल’ होना चाहिए, न कि चेहरे पर लगे तिलक या कलाई का कलावा। यह ‘मानकीकरण’ के नाम पर हमारी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का दमन है। लेंसकार्ट प्रबंधन इस तुगलकी फरमान को तत्काल वापस ले, वरना विरोध और तेज होगा।”
युवाओं की मांग है कि निजी अभिव्यक्ति और धार्मिक पहचान का सम्मान कॉर्पोरेट जगत को करना ही होगा।





