उमरिया/मानपुर (ग्राउंड रिपोर्ट):राजर्षि मिश्रा
जिला उमरिया की मानपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत चिल्हारी में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। लगभग 10 हजार से अधिक की आबादी वाले इस बड़े गांव में आज तक समुचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है। स्थिति यह है कि ग्रामीण मजबूरी में झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराने को विवश हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में न तो पर्याप्त सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है और न ही योग्य डॉक्टरों की नियमित उपलब्धता। छोटी से छोटी बीमारी के लिए भी लोगों को दूर स्थित अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर इलाज न मिलने के कारण मरीजों की जान पर भी बन आती है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में झोलाछाप डॉक्टरों का बोलबाला बढ़ गया है, जो बिना किसी प्रमाणिक डिग्री के इलाज कर रहे हैं। इससे गलत इलाज का खतरा बना रहता है और कई बार मरीजों की हालत और गंभीर हो जाती है।
ग्राम के निवासी अन्य ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि ग्राम पंचायत चिल्हारी में जल्द से जल्द एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की स्थापना की जाए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित और बेहतर इलाज मिल सके।
मुख्य समस्याएं:
गांव में सरकारी स्वास्थ्य सुविधा का अभाव
योग्य डॉक्टरों की कमी
झोलाछाप डॉक्टरों पर बढ़ती निर्भरता
आपातकालीन सेवाओं की कमी
ग्रामीणों की मांग:
चिल्हारी में प्राथमिक स्वास्थ्यकेंद्र की स्थापना
24×7 डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता
एंबुलेंस और आपातकालीन सुविधा
दवाइयों की नियमित आपूर्ति
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर स्वास्थ्य संकट पर कब तक ध्यान देता है और ग्रामीणों को राहत मिल पाती है या नहीं।
ग्रामीण क्षेत्रीय जनों ने लगाया वादा खिलाफी का आरोप :चिल्हारी एवं चिल्हारी क्षेत्र की जनता ने कहा कि हम लगभग कई वर्षों से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की मांग सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह एवं विधायक मीना सिंह जनप्रतिनिधियों से किए हैं आश्वासन भी दिया गया था लेकिन आज तक स्थिति बनी है क्षेत्रीय जनता स्वास्थ्य के नाम पर थगा सा महसूस कर रही है ग्रामीण क्षेत्रीय जनों ने कहां है कि अगर जनप्रतिनिधि समस्या का समाधान नहीं करते और हमारी मांगे जल्द पूरी नहीं होती है तो हम सब मिलकर आगामी चुनाव में बहिष्कार करेंगे एवं सड़क पर उतरकर सरकार के वादा खिलाफी पर नाराजगी प्रकट करते हुए आंदोलन अनशन करेंगे।





