रिपोर्ट राजर्षि मिश्रा ✍️
उमरिया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व अंतर्गत पनपथा रेंज में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपवन मंडल अधिकारी भूरा गायकवाड़ ने फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति संवर्धन का संदेश दिया।
श्री गायकवाड़ ने कहा कि वृक्ष पृथ्वी के जीवन का आधार हैं। पेड़ों से हमें शुद्ध ऑक्सीजन, छाया, फल, औषधियां एवं स्वच्छ वातावरण प्राप्त होता है। वृक्ष वर्षा चक्र को संतुलित रखने, भू-जल स्तर बढ़ाने, मिट्टी के कटाव को रोकने तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
श्री गायकवाड़ ने कहा कि प्राकृतिक संरक्षण एवं वन्य जीवों के संरक्षण के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। जंगल और पेड़-पौधे वन्य प्राणियों, पक्षियों एवं अन्य जीवों को भोजन, आश्रय और सुरक्षित आवास प्रदान करते हैं। वृक्षों की संख्या बढ़ने से जैव विविधता का संरक्षण होता है तथा प्राकृतिक संतुलन बना रहता है। पेड़ पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करते हैं।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को हरित पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा वन्य जीवों की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। वन विभाग ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएं।
कार्यक्रम में पनपथा बफर रेंजर प्रतीक श्रीवास्तव , डिप्टी रेंजर अनिल सोनवानी , वनरक्षक प्रशांत गौतम वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। सभी ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।





