नसीमखान सांची
विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सांची में जलनिकासी, सड़कों, स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों ने जताई चिंता
सांची…
विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक एवं पर्यटन नगरी सांची में मानसून पूर्व तैयारियों को लेकर नगर परिषद की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। नगरवासियों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान नगर के कई हिस्सों में जलभराव, कीचड़, गंदगी और आवागमन की समस्या उत्पन्न होती है, लेकिन इस बार भी अब तक ठोस तैयारी दिखाई नहीं दे रही है।
जानकारी के अनुसार, प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने और मानसून के शीघ्र आगमन की संभावना के बावजूद नगर में जल निकासी व्यवस्था को प्रभावी बनाने की दिशा में अपेक्षित कार्य नहीं हो सके हैं। कुछ समय पूर्व नालों की सफाई अभियान शुरू किया गया था, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि वह अभियान सीमित स्तर पर ही दिखाई दिया और उसका व्यापक असर नजर नहीं आया।
नगर के विभिन्न क्षेत्रों—भीतरी बस्तियों, हेडगेवार कॉलोनी, स्तूप मार्ग तथा अस्पताल परिसर के आसपास—बारिश के दौरान जलभराव और दलदली स्थिति बनने की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित होता है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, नालियों की नियमित सफाई और बारिश पूर्व कीटनाशक दवाओं के छिड़काव जैसे कार्य भी अपेक्षित स्तर पर नहीं हो पाए हैं। बारिश के मौसम में जहरीले एवं सामान्य कीडे कांटो की बढ़ती आशंका को देखते हुए नागरिकों ने स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की मांग की है।
बताया जाता है कि नगर परिषद में लंबे समय से कुछ तकनीकी पद रिक्त होने के कारण कई विकास एवं रखरखाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्थाओं को लेकर दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोग जमीनी स्तर पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।
नगरवासियों की मांग है कि बारिश शुरू होने से पहले नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था, सड़कों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट सुधार और कीटनाशक छिड़काव जैसे कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं, ताकि इस ऐतिहासिक नगरी को मानसून के दौरान होने वाली समस्याओं से राहत मिल सके।
मानसून दस्तक दे चुका है, अब नगर को आश्वासनों नहीं बल्कि जमीन पर दिखने वाली तैयारियों का इंतजार है।





