नसीमखान सांची
सांची,,,
मानसून की दस्तक और जलसंवर्धन योजना के माध्यम से जलापूर्ति प्रारंभ होने के बावजूद नगर में अभी भी एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में नगरवासियों के बीच यह सवाल उठने लगे हैं कि जब नई व्यवस्था लागू हो चुकी है तो नियमित जलापूर्ति अब तक क्यों सुनिश्चित नहीं हो सकी।
जानकारी के अनुसार गर्मी के मौसम में भीषण तापमान और भूजल स्तर में कमी के कारण प्रशासन के सामने पेयजल व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती उत्पन्न हो गई थी। इसी परिस्थिति में नगर में एक दिन छोड़कर जलापूर्ति का निर्णय लिया गया था। वहीं पठारी क्षेत्र में कुछ स्थानों पर चार से पांच दिन के अंतराल से भी जलापूर्ति की स्थिति बनी रही।
उल्लेखनीय है कि नगर में पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए शासन द्वारा जलसंवर्धन योजना लागू की गई थी, जिसका शुभारंभ वर्ष 2020 में किया गया था। योजना को तीन वर्ष की समयसीमा में पूर्ण किया जाना प्रस्तावित था, किंतु विभिन्न कारणों से कार्य निर्धारित अवधि में पूरा नहीं हो सका।
स्थानीय स्तर पर नगर परिषद द्वारा कई बार संबंधित कंपनी को पत्राचार कर कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया गया। इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन एवं उच्च स्तर तक भी विषय पहुंचाया गया, लेकिन योजना की प्रगति अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकी। बाद में जब नगर में पेयजल संकट गहराया तो जनप्रतिनिधियों ने भी नाराजगी जताई और कंपनी कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया।
इसके बाद कंपनी द्वारा जल भंडारण टंकियों को भरना शुरू किया गया और नगर में योजना के माध्यम से जलापूर्ति आरंभ हुई। तो नगर वासियों को जलसंकट से छुटकारा मिलने की आशा जागी तथा प्रतिदिन जलापूर्ति होने की आस लग गई ।जबकि लोगों का सपना तब टूट गया जब वर्तमान में भी जल वितरण नियमित नहीं हो पाया है। बताया जा रहा है कि नई योजना की टंकियां भी अभी एक दिन छोड़कर भरी जा रही हैं, जिसके कारण नागरिकों को लगातार असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
नगरवासियों का कहना है कि मानसून प्रारंभ होने और नई योजना के संचालन के बाद प्रतिदिन जलापूर्ति सुनिश्चित होने की अपेक्षा थी, लेकिन स्थिति में अभी तक अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। हाल ही में वरिष्ठ अधिकारियों की टीम द्वारा भी व्यवस्था का निरीक्षण किया गया था, फिर भी समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी है।
इस मामले में सीएमओ नगर परिषद रामलाल कुशवाहा ने कहा—
“वर्तमान में अभी भी नगर को कुछ हद तक ट्यूबवेल आधारित जलापूर्ति की जा रही है। पर्याप्त वर्षा नहीं होने से जलस्तर में अपेक्षित सुधार नहीं आया है। आवश्यकता पड़ने पर टैंकरों से भी पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। जलसंवर्धन योजना के अंतर्गत कंपनी ने जलापूर्ति शुरू कर दी है, लेकिन टंकियां अभी एक दिन छोड़कर भरी जा रही हैं। सोमवार को कंपनी अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रतिदिन जलापूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।”
नगरवासियों की अपेक्षा अब केवल योजना के शुभारंभ से नहीं, बल्कि घरों तक नियमित और निर्बाध जलापूर्ति पहुंचने से पूरी होगी।





