स्टोरी by : नजीर अली
भारत में एक बार फिर पॉलीमर यानी प्लास्टिक करेंसी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से छोटे मूल्यवर्ग के नोटों को अधिक टिकाऊ और सुरक्षित बनाने की दिशा में विचार किया जा रहा है। ऐसे में 10 और 20 रुपये के पॉलीमर नोटों को लेकर संभावनाएं जताई जा रही हैं।
हालांकि, अभी तक RBI की ओर से इन्हें जारी करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन वित्तीय और बैंकिंग जगत में इस विषय को लेकर चर्चाएं बढ़ गई हैं।
क्या होते हैं पॉलीमर नोट ?
पॉलीमर नोट विशेष प्रकार की प्लास्टिक शीट से तैयार किए जाते हैं। ये सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक मजबूत और लंबे समय तक चलने वाले होते हैं। इसके अलावा इनमें कई आधुनिक सुरक्षा फीचर्स जोड़े जा सकते हैं, जिससे नकली नोटों पर रोक लगाने में मदद मिलती है।
दुनिया के कई देशों में पॉलीमर करेंसी पहले से प्रचलन में है और इसे सफल माना जाता है।
पॉलीमर नोटों के फायदे
कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ।
पानी और गंदगी का कम असर।
फटने और खराब होने की संभावना कम।
नकली नोटों की पहचान आसान।
लंबे समय तक उपयोग से छपाई की लागत में कमी।
विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे मूल्यवर्ग के नोट सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं, इसलिए पॉलीमर नोट इनके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं।
भारत में पहले भी हो चुकी है पहल
भारत में पॉलीमर नोटों को लेकर पहले भी कई बार विचार किया जा चुका है। अलग-अलग चरणों में सीमित परीक्षण और प्रस्तावों पर काम हुआ, लेकिन तकनीकी और लागत से जुड़े कारणों के चलते यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी।
अब तकनीक में हुए बदलाव और नोटों की सुरक्षा को देखते हुए इस दिशा में दोबारा कदम उठाने की संभावनाओं पर चर्चा हो रही है।
क्या जल्द बाजार में आएंगे नए नोट?
फिलहाल, भारतीय रिजर्व बैंक ने 10 और 20 रुपये के पॉलीमर नोटों को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं की है। यदि भविष्य में इस संबंध में कोई निर्णय लिया जाता है, तो इसकी जानकारी RBI की ओर से आधिकारिक तौर पर जारी की जाएगी।
फिलहाल इतना तय है कि भारतीय मुद्रा को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के लिए नए विकल्पों पर लगातार विचार किया जा रहा है।





