ग्राम नागौरी पहाड़ी पर बिखरी पड़ी पुरासंपदा ।
इसी पहाड़ी पर निर्माणाधीन है सोलर प्लांट

नसीम खान
सांची,,, वैसे तो इस स्थल के साथ ही आसपास क्षेत्र भी प्राचीन पुरातात्विक ऐतिहासिक धरोहर अपने में समेटे हुए है इस स्थल से मात्र लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित नागौरी की प्रसिद्ध पहाड़ी है जहां पुरासंपदा बिखरी हुई है तथा अनेक चट्टानों पर शैल चित्र अंकित दिखाई देते हैं इस पहाड़ी पर अब सोलर प्लांट तैयार किया जा रहा है तथा ज़ोर शोर से काफी लंबे क्षेत्र में खुदाई भी की जा चुकी है तब इस पहाड़ी पर पुरातात्विक धरोहर की सुरक्षा को लेकर लोगों में असमंजस बना हुआ है ।
जानकारी के अनुसार वैसे तो इस स्थल का इतिहास काफी पुराना है तथा इस स्थल पर ऐतिहासिक धरोहरों को सहेज कर रखा गया है इस स्थल पर पुरातात्विक स्मारकों की कड़ी सुरक्षा के साथ ही विभिन्न बेशकीमती पुरातात्विक धरोहर को संजोकर रखा गया है इस स्थल से मात्र लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित ग्राम नागौरी की पहाड़ी है किसी समय इस पहाड़ी पर गांव वालों की बसावट हुआ करती थी धीरे धीरे अपनी सुविधानुसार गांवों वालों ने अपने घर समतल जगह पर बना लिये हालांकि कुछ लोग आज भी इस पहाड़ी पर ही अपने घरों में वास करते हैं बताया जाता है इस पहाड़ी पर एक घोड़ीकी प्रतिमा बरसों से खड़ी है परन्तु देखरेख के अभाव में यह प्रतिमा आधी सी जमीन में धंस गई है बताया तो यहां तक जाता है इस घोड़ी के साथ ही एक बच्चा हुआ करता था जो बरसों पहले ही ग़ायब हो चुका है घोड़ी के समीप ही खुदाई कार्य चलाया जा रहा है हालांकि इस घोड़ी की बरसों से गांव वालों की पीडिया सुरक्षा करते गुजर ग ई तथा अभी भी गांवों वालों को ही सुरक्षा करना पडती है हालांकि अनेक बार इस मामले को पुरातत्व विभाग के संज्ञान में लाया जा चुका है परन्तु पुरातत्व विभाग अपनी स्मारकों की हद तक ही सिमट कर रह गया है बताया जाता है कि इस पहाड़ी पर किसी समय प्रतिमाओं को निर्मित किया जाता था वैसे भी यह पहाड़ी बहुमूल्य धरोहर के रूप में विख्यात है इस पहाड़ी पर शुरुआती हिस्से में भगवान विष्णु की लगभग आठ फिट ऊंची प्रतिमा है जिसका ऊपरी हिस्सा खंडित हो चुका है तथा बताया जाता है इस प्रतिमा के आसपास अनेक छोटी छोटी प्रतिमा हुआ करती थी तथा एक छोटी प्रतिमा भगवान विष्णु की प्रतिमा से सटकर हुआं करती थी जो बरसों पूर्व गायब हो चुकी है हालांकि इस प्रतिमा के आसपास ग्रामीण स्वयं साफ-साफाई समय समय पर करते रहते हैं एवं पूजा अर्चना भी करते हैं इस प्रतिमा पर दीपावली की दूज एवं होली अमावस्या दूज पर लोग इकट्ठा होकर पूजा अर्चना करते हैं तथा प्रसादी वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं परन्तु इन बेशकीमती पुरातात्विक धरोहरों से पुरातत्व विभाग को कोई सरोकार नहीं रहा है हालांकि पूर्व में नागरिकों ने पुरातत्व विभाग अधिकारियों को इन धरोहरों की सुरक्षा की ओर ध्यान आकर्षित किया था तब तत्कालीन विभाग के अधिकारियों ने आश्वस्त किया था परन्तु पूर्व की भांति अनदेखी कर चलते रहे परन्तु इन पुरातात्विक ऐतिहासिक धरोहर को न तो सुरक्षित किया जा सका न ही इन धरोहरों को इस पहाड़ी से संग्रहालय तक ही स्थानांतरण किया जा सका जिससे इन पुरातात्विक धरोहर को संजोकर रखा जा सके तथा इनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके । इसके साथ ही पहाड़ी के पिछले हिस्से में बड़ी बड़ी चट्टानों को देखा जा सकता है इन चट्टानों पर शैल चित्र अंकित दिखाई देते हैं तथा इन शैल चित्र सहित भगवान विष्णु की प्रतिमा सहित घोड़ी के दर्शन करने देशी विदेशी पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है तथा पर्यटक इस पहाड़ी का नजारा देखते रहते हैं बावजूद इस पहाड़ी पर पुरातत्व विभाग की दृष्टि से हमेशा से ही उपेक्षित रवैया रहा है अब इस पहाड़ी क्षेत्र पर सोलर प्लांट निर्माण कार्य शुरू हो चुका है । निर्माण एजेंसी यहां स्थित पुरातात्विक धरोहर को किस प्रकार सुरक्षित रख सकेगा।। इस मामले में इनका कहना है।।। हमारे संज्ञान में यह मामला है हमने सोलर सिटी निर्माण एजेंसी एवं ऊर्जा विभाग को पत्र लिख दिये है पुरातात्विक धरोहर से किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो तथा उन्हें सुरक्षित रखा जाये। दिलीप दुबे नायब तहसीलदार सांची
हमें ज्ञात है इस पहाड़ी पर पुरातात्विक धरोहर के रूप में जो भी संपदा है उसे तार फेंग्सिन कर सुरक्षित रखा जाये । संदीप मेहतो सहायक सर्वेक्षण अधिकारी पुरातत्व विभाग सांची

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