जिले में कुंओ और बावड़ियों का निरीक्षण कर उनके सुरक्षित अथवा असुरक्षित होने के संबंध में जांच किए जाने के निर्देश

नसीम खान संपादक

रायसेन,
कलेक्टर श्री अरविंद दुबे द्वारा जिले में नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में ऐसे कुँए-बावड़ियों, जिन्हें गर्डर-फर्शी, सीमेंट-कॉन्क्रीट या किसी अन्य उपाय से बंद किया गया हो अथवा ढंका गया हो, का शीघ्र सर्वे कर सूचीबद्ध किए जाने के संबंध में पुलिस अधीक्षक, सभी एसडीएम, जनपद सीईओ एवं अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर में बावड़ी दुर्घटना को गंभीरता से लेते हुए भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं को रोकने के लिये कार्यवाही के निर्देश दिये थे।
जिले में संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार, थाना प्रभारी, अनुविभागीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, अनुविभागीय अधिकारी पीएचई अथवा उपयंत्री, जनपद सीईओ या सीएमओ संयुक्त रूप से ऐसे बोरवेल, कुंओ-बावड़ियों का निरीक्षण कर उनके सुरक्षित अथवा असुरक्षित होने के संबंध में जांच किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। असुरक्षित पाए जाने वाले कुआं, बावड़ी का एसडीएम, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, अनुविभागीय अधिकारी पीएचई अथवा उपयंत्री, जनपद सीईओ अथवा सीएमओ मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे और यदि उन पर अतिक्रमण है तो विधि सम्मत तरीके से हटावाने की कार्यवाही करेंगे। यदि ऐसे बोवरेल, कुआं-बावड़ी ढंके हैं तो उनका कवर हटाया जाकर सुरक्षित किया जाएगा।
इसी प्रकार यदि किसी कुंआ अथवा बावड़ी के पानी का उपयोग पेयजल अथवा निस्तार आदि के लिए किया जा सकता हो तो उन्हें उस रूप में सुरक्षित किया जाएगा। यदि कुंआ अथवा बावड़ी अनुपयोगी है तो उन्हें समुचित रूप से पाटने/भरवाया जाकर सुरक्षित किए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं। किसी संरचना के पुरातात्विक महत्व के होने पर उन्हें उसी रूप में संरक्षित एवं सुरक्षित किए जाने की कार्यवाही संपादित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई सार्वजनिक बावड़ी अथवा कुआं ऐसा है, जिस पर मुंडेर नहीं है तो उस बावड़ी अथवा कुएं पर स्थानीय प्रशासन/विभाग के माध्यम से मुंडेर बनवाई जाए। यदि निजी अथवा किस संस्था के बावड़ी अथवा कुएं ऐसे पाए जाते हैं, जिन पर मुंडेर नहीं है तो संबंधितों द्वारा मुंडेर बनवाई जाकर उन्हें सुरक्षित कराए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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