राघवेन्द्र श्रीवास्तव सुल्तानपुर
सुल्तानपुर–थाना सुल्तानपुर के अंतर्गत ग्राम महुआ खेड़ा में विगत दिवस एक व्यक्ति के गुम होने की सूचना थाना सुल्तानपुर में दी गई थी !
विगत दिवस श्रीमती अनो बाई भील पति वीर सिंह निवासी महुआ खेड़ा द्वारा थाना सुल्तानपुर में अपने लड़के कमल भील के गायब होने की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई !
रिपोर्ट के बाद थाना सुल्तानपुर में बड़कुई महुआ खेड़ा के जंगल में एक व्यक्ति का शव पढ़े हुए होने की सूचना मिली इस पर थाना सुल्तानपुर की पुलिस मौके पर पहुंची जहां एक व्यक्ति की लाश सड़ी गली अवस्था में मिली, मृतक की निशानदेही गायब कमल भील के रूप में हुई ! घटना स्थल पर साक्ष्यों के आधार पर मृतक की हत्या होना प्रतीत हुआ ! और पुलिस का संदेह तब हकीकत में बदल गया जब डॉक्टर की पीएम रिपोर्ट में सिर में आई चोटों से मृत्यु होना बताया गया जिससे थाना सुल्तानपुर में अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध अपराध क्रमांक 113 / 23 धारा 302 का मुकदमा पंजीबद्ध किया गया !
प्रकरण को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रायसेन विकास सहवाल के निर्देशन में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायसेन अमृत मीणा के मार्गदर्शन में एसडीओपी बाड़ी अमित मेश्राम थाना प्रभारी रंजीत सराठे के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर अज्ञात आरोपी की तलाश प्रारंभ की गई !
तब घटना की जानकारी सामने आई जिसमें मृतक कमल सिंह उसके चचेरे भाई प्रभु भील के साथ घूमता हुआ देखा गया था, जिसमें पुलिस द्वारा प्रभु भील से सघन पूछताछ की गई जिसमें प्रभु भील पुलिस के सामने टूट गया और उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसमें आरोपी ने बताया कि मृतक कमल सिंह उसकी पत्नी से फोन पर बात करता था, जो उसे नागवार गुजरता था, घटना के दिन भी मृतक द्वारा उसकी पत्नी से बात की गई थी, जिस पर आरोपी द्वारा मृतक को एक एकांत स्थान पर बुलाकर मौके का फायदा देखकर लकड़ी से गंभीर वार कर उसकी हत्या कर दी ! पुलिस द्वारा हत्या में प्रयुक्त लकड़ी, मृतक का मोबाइल एवं अन्य वस्तुएं जप्त कर ली गई ! आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश जेल भेज दिया गया है ! अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी रंजीत सराठे उपनिरीक्षक आशीष चौधरी, सहायक उपनिरीक्षक राधेश्याम रघुवंशी, प्रधान आरक्षक बीरबल परतें, आरक्षक देवेंद्र जादौन सहित अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका सराहनीय रही !
नसीम खान संपादक






