नसीम खान संपादक
सांची,,, वैसे तो बड़े बड़े विकास के दावे किए जाते रहे हैं परन्तु इन विकास के दावे ज़मीन पर तब धराशाई हो जाते हैं जब सड़कों में गढ्ढे सड़कों पर बहने वाले पानी से लोगों का चलना दुश्वार हो जाता है इस ओर से शासन प्रशासन जानते हुए भी अंजान बने रहने की भूमिका निभाता दिख जाता है ।
जानकारी के अनुसार नगर परिषद सांची के वार्ड नं 10-11 मांची कुआं गांव नागौरी के पहुंच मार्ग की देश की आजादी के बाद से किसी को सुध नहीं आई तब इन तीन ग्रामों सहित बिलोरी पिपरिया के लोगों का एक मात्र पहुंच मार्ग जो सांची राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ता है किसी समय इस मार्ग पर होने वाली दलदल में से होकर लोगों सहित स्कूली बच्चों को चलना पड़ता था लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी तब उठानी पड़ती थी जब गांव वालों के सामने किसी मरीज अथवा प्रसव हेतु महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचने में मशक्कत करनी पड़ती थी अनेक बार मांग करने के बाद इन गांवों के पहुंच मार्ग की स्वीकृति मिल गई तथा इसका निर्माण भी शुरू करा दिया गया तब लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा था तथा निर्माण एजेंसी ने निर्माण शुरू कर दिया तथा समतलीकरण कार्य पूर्ण कर लिया गया । तथा इस सड़क निर्माण में आने वाली लागत करोड़ों रुपए बताई जाती है दुर्भाग्यवश इस निर्माण को करने वाले ठेकेदार का कोराना काल में कोराना की चपेट में आने से निधन हो गया लगभग ढाई वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी निर्माण अधूरा पड़ा रहा तब इस सड़क पर डाली गई काली गिट्टी 6 एम एम पर जहां दुपहिया वाहन रिपटने लगे तथा इससे उड़ने वाली धूल से लोगों में गंभीर बीमारी तथा स्वांस जैसी बीमारी का खतरा बढ़ गया साथ ही सड़क पर गड्ढे पड़ गये एवं पानी निकासी न होने से घरों का पानी सड़कों पर बहने लगा जिससे लोगों का चलना दुश्वार हो गया परन्तु इस समस्या ग्रस्त सड़क की समस्या का स्थानीय प्रशासन हल खोजने में असफल साबित हो गया तब लोगों को समस्या से जूझना पड़ रहा है हालांकि बताया जाता है इस सड़क का पुनः टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है तथा शीघ्र ही इस सड़क निर्माण का लोगों को बेसब्री से इंतज़ार हो रहा है अब जबकि बारिश सर पर आ खड़ी हुई है तब इस सड़क निर्माण में बारिश बाधा उत्पन्न कर सकती हैं इस मामले में तोपसिंह राजपूत ने बताया कि काफी लंबे समय से निर्माण की प्रतीक्षा की जा रही है परन्तु प्रशासन को सुध नहीं मिल पा रही है दलपत सिंह राजपूत कहते हैं कि इस सड़क पर चलने वाले वाहनों से उड़ने वाली धूल से लोगों का खाना पीना भी मुश्किल हो गया है तो वहीं मुकुंद सिंह राजपूत कहते हैं सड़क में गड्ढे पड़ रहे हैं तथा सड़कों पर पानी बहने की समस्या से जूझना पड़ रहा है तथा सड़क पर पानी भरने से चलना दूभर हो गया है इतना ही नहीं इस सड़क की उड़ने वाली धूल न केवल घरों में घुस रही है बल्कि इस धूल से फेफड़ों की गंभीर बीमारी फैलने का खतरा मंडराता नजर आ रहा है साथ ही लोगों को गंभीर स्वांस जैसी बीमारी का खतरा भी खड़ा हो गया है कहा नहीं जा सकता कब इस सड़क का निर्माण हो सकेगा । एक ओर विधानसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ गई है तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अपने अपने विकास गिनवाने की कवायद में जुट गए हैं बावजूद इसके इस अधूरी पड़ी सड़क कब बनकर तैयार हो जायेगी कहा नहीं जा सकता है






