वसीम कुरैशी रिपोर्टर
रायसेन,
आपदा प्रबंध संस्थान भोपाल गृह विभाग म.प्र. शासन एवं जिला प्रशासन रायसेन के समन्वय से 04 जुलाई से प्रारंभ भूकंपरोधी भवन निर्माण विषयक तकनीक पर आधारित सिविल इंजीनियरिंग प्रोफेशनल के साथ शासकीय पोलेटेक्निक कालेज में प्रशिक्षण का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में आज आपदा प्रबंध संस्थान भोपाल गृह विभाग मध्यप्रदेश शासन से पधारे हुए डॉ. जॉर्ज व्ही. जोसेफ, संयुक्त संचालक ने आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के बारे में अवगत कराया। साथ ही आपदा प्रबंधन हेतु प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 10 पॉइंट एजेंडा के बारे में जानकारी प्रदान की।
तकनीकी विशेषज्ञ श्रीमती नेहा श्रीवास ने भूकंप आपदा, उसके प्रभाव, तरंगो एवं संवेदनशीलता आदि के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए भूकंप से बचाव के लिए सुरक्षा नियमों की भी जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में श्री पी.के. झा कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग ने अपने उदबोधन में कहा कि आप सभी प्रतिभागी संरचना बनाते समय भूकंप को ध्यान में रखे। कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग, पी.आई.यू.,नगर पालिका एवं पंचायत विभाग के लगभग 50 इंजीनियर उपस्थित रहे।
रायसेन जिला सिस्मिक जोन-03 में आने से रायसेन जिले में भूकंप के प्रति संवेदनशीलता अधिक है। इसलिए सिविल कार्य से जुड़े प्रोफेशनल को जानकारी होना बेहद जरूरी है। भूकंप से बचाव के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि अगर भूकंप के वक्त आप घर में हैं तो फर्श पर बैठ जाएं। घर में किसी मजबूत टेबल या फर्नीचर के नीचे बैठकर हाथ से सिर और चेहरे को ढकें। भूकंप के झटके आने तक घर के अंदर ही रहें और झटके रुकने के बाद ही बाहर निकलें। अगर रात में भूकंप आया है और आप बिस्तर पर लेटे हैं हैं तो लेटे रहें,तकिए से सिर ढक लें। घर के सभी बिजली स्विच को ऑफ कर दें। अगर आप भूकंप के दौरान मलबे के नीचे दब जाएं तो किसी रुमाल या कपड़े से मुंह को ढंके। मलबे के नीचे खुद की मौजूदगी को जताने के लिए पाइप या दीवार को बजाते रहें, ताकि बचाव दल आपको तलाश सके। अगर आपके पास कुछ उपाय ना हो तो चिल्लाते रहें और हिम्मत ना हारें।
नसीम खान संपादक






