बलौदा छत्तीसगढ़
रिपोर्टर गिरिजाशंकर देवांगन
किसानों का त्योहार हरेली सोमवार 17 जुलाई को छत्तीसगढ़ में बड़े धूमधाम से उत्साह पूर्वक मनाया गया। किसानों ने खेती का कामकाज बंद कर हल, फावड़ा, गैती और औजारों की पूजा की।
इस अवसर पर अनेक जगहों पर लोगों द्वारा शर्त लगाकर नारियल भी फेंका गया। छोटे छोटे बच्चों द्वारा गेड़ी चढ़कर आनंद लिया गया। हरेली त्योहार प्रतिवर्ष सावन माह की अमावश्या को मनाया जाता है। किसानों ने द्वारा अरंडी के पत्तो को नमक मे मिलाकर मवेशियों को खिलाया गया। ग्रामीणों में ऐसी मान्यता है कि मवेशियों को अरंडी पान खिलाने से खुरहा, चपका और अन्य बीमारी नही होती। हरेली त्योहार के पीछे किसानों की यह अवधारणा है कि जब खेती किसानी का काम बंद हो जाता है और खेतो मे चारों तरफ हरियाली छा जाती है तो किसान अपने हल और अन्य कृषि औजारों की पूजा करके उन्हे सुरक्षित रख देते हैं। हरेली के उपलक्ष्य मे गेड़ी चढ़ने का सिलसिला पोला पर्व तक चलता है।







