वसीम कुरैशी रिपोर्टर
रायसेन।रायसेन शहर समेत जिलेभर में पिछले काफी दिनों मच्छरों के कारण लोग संक्रामक बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। वही ना ही नगर पालिका परिषद और न ही जिला नमलेरिया विभाग मच्छरों की रोकथाम के लिए कोई उपाय कर रहा है।
रायसेन शहर में इन दिनों मच्छरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। जिसके चलते लोगों का जीना दुश्वार हो रहा है। मच्छरों को भगाने के लिए तरह-तरह उपाय किए जा रहे हैं। वहीं नगर पालिका परिषद में लाखों रुपए की लागत की फॉगिंग मशीन शो पीस साबित हो रही है। शहर में नियमित साफ-सफाई नहीं होने के कारण गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। वहीं नाली और नाले की नियमित सफाई होने के कारण मच्छर पनप रहे हैं।सफाई कर्मचारियों को दो दिनी हड़ताल को लेकर गंदगी कचरे को बढ़ावा मिला था।
लोगों का कहना है कि मच्छरों की रोकथाम के लिए नगर पालिका परिषद द्वारा कोई भी उपाय नहीं किए जा रहे हैं। पहले तो दवाइयां डाली जाती थी लेकिन अब नहीं दवाई डाली जा रही है और ना ही फॉगिंग मशीन को चलवाया जा रहा है। जिला मलेरिया विभाग द्वारा दिखावे के लिए रैली तो निकाल दी जाती है। उसके बाद मच्छरों की रोकथाम के लिए कोई उपाय नहीं किए हैं। दोनों ही विभागों के द्वारा कोई कदम नहीं उठाए जा रहा है। नगर पालिका परिषद फॉगिंग मशीन से अगर नियमित छिड़काव करवाए तो नगर के लोगों को मच्छरों से निजात मिल सकती है।
खाली प्लॉट बने कचरा घर….. नपा ने प्लॉट मालिकों पर नहीं की जुर्माने की कार्रवाई…..
रायसेन शहर की चाहे पॉश कालोनियां हों अन्य विकसित कॉलोनियां यहां खाली पड़े प्लॉटों को रहवासियों द्वारा कचरा घर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।इन खाली प्लॉटों में बारिश का गंदा पानी कूड़ा कचरा फैला हुआ है।जिससे संक्रामक बीमारियां पनप रही हैं।हालांकि गंदगी कचरे को बढावा देने वाले प्लॉट मालिकों के विरुद्ध नगर पालिका परिषद रायसेन को जुर्माना ठोंकने का प्रावधान है।लेकिन कितने खाली प्लाट धारकों पर जुर्माने की कार्रवाई की गई।जिसका कागजी रिकार्ड भी नगर पालिका परिषद रायसेन में उपलब्ध नहीं है।यहां अंधेर है नगरी चौपट है राजा… की तर्ज पर सबकुछ चल रहा हैं।
नसीम खान संपादक






