नसीम खान संपादक लाइव खबर इंडिया
सांची,,, वैसे तो इस स्थल पर नगर परिषद जिम्मेदारी उठा रही है परन्तु नगर परिषद का कार्यरत कर्मचारियों की उपेक्षित नीति के चलते कर्मचारियों को इस स्थल पर अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठने पर मजबूर होना पड़ रहा है ।इन कर्मचारियों की सुध न तो प्रशासन न ही शासन को लेने की फुर्सत मिल पा रही है जिससे नगर पूरी तरह गंदगी की चपेट में जकड गया है जगह-जगह कचरें के ढेरों से बदबू फैलते दिखाई दे रही है वहीं विभिन्न गंभीर बीमारी फैलने का भी खतरा मंडराता नजर आ रहा है।
जानकारी के अनुसार इस नगर को रात-दिन साफ़ सुथरा बनाने जुटे सफाई कर्मचारीयों की अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल करना पड़ रही है परन्तु इनकी मांगों पर न तो प्रशासन न ही शासन का ध्यान पहुंच पा रहा है इन सफाई स्थाई कर्मचारियों के साथ दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी एवं नल जल कर्मचारी वाहन चालकों ने भी अपनी मांग उठाई है । बताया जाता है स्थाई कर्मचारियों की मांग में विशेष रूप से वेतन मान की विसंगति दूर करना एवं शासन द्वारा निर्धारित वेतन मान एवं कर्मचारियों के वेतन से हर महीने काटने वाली पीएफ राशि का गड़बड़झाला होने से भी परेशान हैं बताया जाता है वर्षों से इन कर्मचारियों के वेतन से हर महीने पीएफ के नाम से राशि काटी जाती है परन्तु पीएफ कार्यालय में जमा नहीं कराई जाती जिससे कर्मचारियों को अपनी आवश्यकता पर अपनी ही काटी राशि नहीं मिल पाती यह राशि सालों से काटी जा रही है तथा इस कटौती राशि में लाखों रुपए का हेरफेर किया गया है तत्काल यह राशि कर्मचारियों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए।एवं इस परिषद में वर्षों से अपनी सेवाएं देने वाले विभिन्न शाखाओं में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी जो कम वेतन पर चौबीस घंटे सेवा देने वाले कर्मचारियों के नियमितीकरण एवं विनियमितिकरण की मांग को लेकर हड़ताल पर बैठे हुए हैं इन हड़ताली कर्मचारियों की मांग पर गंभीरता से विचार करने की बजाय प्रशासन में बैठे लोग विभिन्न रुप से काम से हटाने की धमकी सहित उनकी मांगों पर विचार न कर उनकी हड़ताल खत्म कराने की जुगत में जुटे हुए हैं । इस मामले में कर्मचारियों का कहना है कि हम चौबीस घंटे अपनी सेवाएं देने के बाद अपने हक के लिए हड़ताल पर बैठने मजबूर हो चुके हैं हमारे वेतनमान विसंगति सहित शासन द्वारा निर्धारित वेतन मान सहित दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी जो कम वेतन पर भी अधिक काम कर रहे हैं समय पर वेतन न मिलना तथा उन्हें नियमितीकरण विनियमितिकरण के शासन के नियमों से दूर रखना कहीं न कहीं कर्मचारियों के साथ खुला भेदभाव किया जा रहा है इस मामले में जिम्मेदार हमेशा से ही स्थापना व्यय अधिक बता कर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं जबकि इस संस्था में कर्मचारियों की लंबी फौज जुटी हुई है इनमें कुछ तो ऐसे कर्मचारी भी है जो दूसरे विभागों में अटैच कर रखे हैं तथा उनका वेतन का बोझ परिषद प्रशासन को उठाना पड़ रहा है तथा जिन कर्मचारियों से रात दिन काम लिया जा रहा है उनके लिए स्थापना व्यय की आड़ का खेल चलाया जा रहा है । हालांकि इस मामले में अधिकारियों ने कर्मचारियों को आश्वासन तो दिया है परन्तु कर्मचारी शासन प्रशासन से से ठोस आश्वासन चाह रहे हैं तथा उन्होंने बताया कि जब-तक हमारी मांगे नहीं मानी जाती तब तक हमारी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी । इस हड़ताल से नगर पूरी तरह गंदगी की चपेट में जकड गया है तथा जगह जगह कचरों के ढेर लगे हुए दिखाई दे रहे हैं तथा इनसे बदबू उठने लगी है वैसे ही इस बारिश के थमने एवं बादलों की तौस से बीमारी फैलने लगी है तब इस हड़ताल से जगह जगह गंदगी बदबू फैलने से और अधिक गंभीर बीमारी फैलने का खतरा मंडराता नजर आ रहा है । जिससे नगर में गंभीर समस्या खड़ी होने की संभावना बढ़ गई है।
कर्मचारी हड़ताल पर । अध्यक्ष पार्षद ने उठाई झाड़ू
नगर परिषद के लगभग सभी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं तब नगर में हालात बद से बद्तर हो चुके हैं जगह जगह कचरों के ढेर दिखाई दे रहे हैं गंदगी से लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है अब नगर परिषद अध्यक्ष पप्पू रेवाराम अहिरवार एवं पार्षद अमित जोशी सहित अन्य ने नगर के बाजार में झाड़ू लगाई ।






