मुख्यमंत्री ने 1320 मेगा वाट के पावर प्लांट की रखी आधारशिलाप

छत्तीसगढ़ पावर हब,का एक और छलांग

जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़
दिलेश्वर चौहान संवाददाता छग

पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1957 में कोरबा में पहले थर्मल पावर प्लांट का उद्घाटन किया था ।
तब से आज तक कोरबा में बिजली उत्पादन लगातार हो रहा है ।जिसमें एक और कड़ी जुड़ गई है ,
पावर हब बनाने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए 1320 मेगा मार्ट पावर प्लांट का शिलान्यास किया


जिसका लक्ष्य 2030 तक संयंत्र स्थापित कर बिजली उत्पादन करने लगेगा
उक्त बातें घंटाघर के सामने मैदान में सीएम भूपेश बघेल विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण भूमि पूजन कार्यक्रम में सभा को संबोधित करते हुए कही,।
उन्होंने कहा कि 13082 करोड़ की लागत ,से जनता के हित को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया गया है ।
मैं जनता को धन्यवाद देना चाहता हूं कि पहले यहां 4000 मेगावाट बिजली की जरूरत होती थी मगर अब 5800 मेगा वाट बिजली की जरूरत हो गई है,
केवल 4 वर्षों में ही 17 00 मेगा वाट बढ़ोतरीहो गई है, बढ़ती बिजली की डिमांड ,को देखते हुए मांग के अनुरूप 1320 मेगा वाट बिजली सुपर क्रिकिटल,थर्मल पावर प्लांट की स्थापना की जा रही है।
जिसकी लागत 12915 करोड़ होगी,
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने ऊर्जा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को पावर हब बनाने की दिशा में एक और अध्याय जुड़ गया है।


उन्होंने कोरबा में सुपर थर्मल पावर प्लांट 1320 मेगा वाट का शिलान्यास कर उस दिशा में कदम बढ़ा दिया है।
उनका लक्ष्य है कि ऊर्जा की क्षेत्र में 20 40 तक छत्तीसगढ़ में 50000 मेगा वाट बिजली अकेले उत्पन्न करेगी ।
और 50000 मेगा वाट दिल्ली पंजाब महाराष्ट्र अन्य राज्यों से उत्पन्न होगी,
क्योंकि आने वाले समय में बिजली की खपत बढ़ेगी ।
और इस डिमांड को पूरा करने के लिए देश में कुल 1,00000 मेगावाट बिजली की जरूरत पड़ेगी ।
इस बात को ध्यान रखते हुए एक और कदम बढ़ाया गया है इस थर्मल पावर में 660 मेगा वाट की दो इकाइयां स्थापित होगी वर्तमान में छत्तीसगढ़ की विद्युत उत्पादन 29787 है
2000 राज्य स्थापना के समय छत्तीसगढ़ की विद्युत उत्पादन क्षमता 1320 मेगा वाट थी।
छत्तीसगढ़ में अब तक का सबसे बड़ा और आधुनिक सुपर क्रिकीटल पावर प्लांट है।
जो छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर बनाएगा ।
साथ ही साथ रोजगार के अवसर भी खुलेंगे।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में घंटाघर मैदान में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ जिले को ऊर्जा धानी के नाम से जाना जाता है।
जिसकी बिजली कई राज्यों को सप्लाई किया जाता है।
एवं छत्तीसगढ़ के किसानों को मुफ्त में बिजली देकर उनके कृषि कार्य को बढ़ावा दिया जाता है ।छत्तीसगढ़ सरकार ने बिजली माफ कर छत्तीसगढ़ किसानों को रियायत दिया है।


छत्तीसगढ़ सरकार भरोसे की सरकार किसानों की सरकार है। उन्होंने छत्तीसगढ़ महतारी पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की इस मौके पर राजस्व मंत्री
जयसीहअग्रवाल, शिव डेहरिया मंत्री, राम सुंदर दास महंत गौ सेवा आयोग, रामकुमार पटेल कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त, विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत , एवं छत्तीसगढ़ के जनता भारी संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम में उपस्थित थे

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