नसीमखान
सांची,, दीपो के पर्व दीपावली की नगर भर मे जोरशोर से तैयारी चल रही हैं जहाँ घरों की साफसफाई तो कहीं घरों में रंगरोगन कै कार्य चल रहे है घरों दुकानों संस्थाओं को सजाने की कवायद जोरों पर है ।
जानकारी के अनुसार दीपावली दीपों का एवं प्रकाश का पर्व माना जाता है इस पर्व को मनाने क ई दिन पहले से तैयारी शुरू कर दी जाती हैं तथा यह पर्व दीपो प्रकाश का पर्व होता है मान्यता अनुसार जब भगवान श्रीराम अपने 14 वर्ष का वनवास पूरा कर चुके तथा रावण का वध कर जब अपने भाई लक्ष्मण के साथ आयोध्या पहुंचे तो उनके स्वागत सत्कार मे अयोध्या को खूब सजाया गया तथा घर घर दीप जलाये गए थे इसके साथ ही घरों की साफसफाई लिपाई पुताई की गई थी ।तबसे ही दीपो के पर्व को प्रकाश का पर्व भी कहा जाता है तब से ही दीपावली पर्व जोर शोर से मनाने की प्रथा चल रही है ।नगर भर में भी दीपावली पर्व की जोरों से तैयारी की जा रही हैं नगर सहित क्षेत्र भर में घरों की साफसफाई लिपाईपुताई होती हैं घरों को खूब सजाया संवारा जाता है इसके अलावा दीपावली के दिन मिठाई बनाई जाती हैं तथा इस दिन लक्ष्मी पूजा भी होती है ।वैसे भी दीपावली के पर्व से लोगों को सालभर मे एक बार साफसफाई का संदेश भी मिलता है माना जाता है घरों में साफसफाई करने से लक्ष्मी का वास होता है जिससे लोग सुखी समृद्ध स्वस्थ रहते है इस दिन भगवान राम के आयोध्या पहुंचने पर जमकर आतिशबाजी भी हुई थी तथा दीपों के पर्व के दिन भी जमकर आतिशबाजी होती हैं बाजारों में भी दुकानों को सजाया संवारा जाता है रंगरोगन से सजाया जाता है लोग नये नये वस्त्र भी धारण करते है यह पर्व स्वच्छता का उदाहरण भी बनकर उभरता है ।






