हाथियों की मौत पर मुख्यमंत्री का सख्त कदम, चार दिनों में मांगी रिपोर्ट
रिपोर्टर: नसीमखान
बांधवगढ़ नेशनल पार्क में हाथियों की रहस्यमय मौत ने प्रदेश में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस गंभीर घटना को संज्ञान में लेते हुए तत्काल अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई और मामले की गहराई से जांच के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह न केवल वन्यजीव संरक्षण का मुद्दा है, बल्कि राज्य की प्राकृतिक धरोहर का सवाल भी है।
मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर वन विभाग के शीर्ष अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की, जिसमें वन राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल और राज्य वनबल प्रमुख पीसीसीएफ असीम श्रीवास्तव भी शामिल थे। उन्होंने इस घटना की संपूर्ण जानकारी ली और तत्काल जांच दल का गठन करने का आदेश दिया। इस दल को चार दिनों में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। हमें यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी हाल में दोषियों को बख्शा न जाए।”
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि विशेषज्ञों की मदद से घटना की गहन जांच की जा रही है। वे उन सभी संभावित कारणों की पड़ताल कर रहे हैं, जिनसे हाथियों की जान गई। इस जांच में विषाक्त पदार्थों की मौजूदगी, अवैध शिकार, और वन क्षेत्र में मानवीय हस्तक्षेप जैसी संभावनाओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया कि अगर कोई भी अधिकारी या कर्मचारी इस घटना में दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक रिपोर्ट का विषय नहीं है, बल्कि राज्य की वन्यजीव सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की परीक्षा है।






