रेत व्यवसाय का नेता कर रहे विरोध तो तीन पंचायतों के सरपंच कर रहे समर्थन ।बेरोजगारों को मिल रहा रोजगार।


रिपोर्टर @दीपक कुमार गर्ग शहडोल

मामला जनपद पंचायत बुढार की ग्राम पंचायत चंदन पुर अंतर्गत आने वाली लुकामपुर कुनकू नदी से रेत परिवहन का

अजयारविंद नामदेव
शहडोल । आम तौर पर रेत के उत्खनन के परिवहन का विरोध करते देखा या सुना होगा, लेकिन शहडोल में ठीक इसके उलट रेत परिवहन कारोबार के समर्थन में तीन पंचायतो के सरपंच सहित ग्रामीण सड़क पर उतर कर रेत कें कारोबार का समर्थन कर नेताओं का विरोध किया है।

शहडोल जिले के जनपद पंचायत बुढार के ग्राम पंचायत चंदपुर पंचायत के लुकामपुर कुनूक नदी में ग्लोबल सहकार कंपनी की रेत खदान ठेका है। उक्त खदान में क्षेत्र के ग्रामीण बेरोजगारो को युवाओं को रोजगार दिया है, जो कि क्षेत्र के कुछ नेताओं को यह नागवारा गुजर रहा था जिसका कुछ कथित नेता विरोध करते हुए रेत की खदान को बंद कराने में आमादा है।
इसी बात से नाराज ग्राम पंचायत कोलुहा सरपंच धन्नू कोल, भोगडा पंचायत सरपंच नागेश्वरी सिंह, चंदपुर पंचायत सरपंच शिव प्रसाद सहित ग्रामीणों ने रेत खदान के समीप नेताओं की इस हरकत का विरोध किया, वही आदिवासी सरपंचों ने बताया कि पेशा एक्ट के तहत प्रस्ताव पास कर खदान स्वीकृत के लिए भेजा था, अब जब खदान चालू हो गई पीएम आवास व अन्य विकास कार्यों के लिए रेत लगभग फ्री में मिल रही है तो कथित नेताओं ने इस रेत खनन का विरोध शुरू कर दिया ।इससे तीन पंचायत के सरपंच सहित ग्रामीणों ने नेताओं के विरुद्ध सडकों पर उतरना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि जो खदान संचालक क्षेत्र के बेरोजगारो को रोजगार दे रहे उस रेत खदान को किसी कीमत पर बंद नहीं होने देंगे, उसके लिए चाहे कुछ भी करना पड़े ।इस मामले में जहाँ रेतखदान परिवहन का कतिपय नेता विरोध कर खदान बंद करवाने का प्रयास कर रहे हैं तो सरपंच सहित लोगो को नेताओं के विरोध करने सडक पर उतरने मजबूर होना पड रहा है तीन पंचायत के सरपंचों का कहना है कि हमने अपनी पंचायत के प्रस्ताव पारित कर प्रशासन से रेत खदान आवंटित करवाई जिससे शासन की विभिन्न योजनाओं में एवं आवास योजना निर्माण में हितग्राहियों को आसानी से रेत उपलब्ध हो सके तथा समय से योजना पूर्ण हो सके परन्तु कुछ नेताओं को रास नहीं आ रहा अब हितग्राहियों सहित तीन पंचायत के सरपंच इन नेताओं का विरोध करने सडक पर उत्तर गए ।तथा खदान किसी भी कीमत पर बंद नही होने का बीडा उठा लिया है ।

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