कृषक सेवा सहकारी समिति पहुंच मार्ग गढ्ढों मे तब्दील ।किसानों को हो रही परेशानी।

नसीमखान
सांंची,,, इन दिनों किसानों का खादबीज हेतु ट्रक ट्रेक्टर ट्राली से खाद बीज लेजाने लाने का सिलसिला जारी है परन्तु कृषक सेवा सहकारी समिति तक पहुंच मार्ग गढ्ढों मे तब्दील होने से खासी परेशानी उठाना पड़ रही हैं परन्तु सडक मरम्मत का नगर परिषद प्रशासन को सुध लेने की फुरसत नहीं मिल पा रही हैं ।
जानकारी के अनुसार नगर में कृषक सेवा सहकारी समिति पहुंच मार्ग नगर परिषद प्रशासन के अधीन आता है इस मार्ग में हमेशा पानी भरा रहने तथा गढ्ढे हो जाने से किसानों को खासी परेशानी उठाने मजबूर होना पड रहा है वैसे भी किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं सहित खादबीज उपलब्ध कराने का जिम्मा कृषक सेवा सहकारी समिति को उठाना पड़ता है तथा इस समीति मे गरीबों को मिलने वाले अनाज चावल के ट्रक भी आते जाते रहते है इसके साथ ही किसानों की खादबीज लाने वाले ट्रको का आने जाने का सिलसिला भी चलता रहता है इसके साथ ही क्षेत्र भर के किसान इसी समीति से खादबीज अपने ट्रक ट्रेक्टर ट्रालियों से ले जाते है जिससे अपने किसानी काम समय पर कर सके ।परन्तु इस समीति तक पहुंच मार्ग जो नगर परिषद प्रशासन के अंतर्गत आते है इस मार्ग की हालत खस्ता हो चुकी है इस मार्ग पर नगर परिषद के ट्यूबवेल का पानी सडक पर भरा रहता है तथा इस सडक पर गहरे गढ्ढे पड गए है जिससे खादबीज के ट्रेक्टर ट्रालियों सहित ट्रको के पलटने का खतरा मंडराने लगता है जिससे कभी भी किसानों के साथ अप्रिय घटना तथा जनहानी से इंकार नहीं किया जा सकता है तथा ट्रको के भी पलटने का अंदेशा बना रहता है ।इस जर्जर मार्ग से नगर परिषद प्रशासन पूरी तरह बेखबर बना हुआ है हालांकि यह मार्ग नगर परिषद कार्यालय के बाजू से होकर ही गुजरा है तब इस खस्ता हाल मार्ग की हालत परिषद प्रशासन से छिपी नहीं है कहीं न कहीं नगर परिषद प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ सकता है अथवा प्रशासन किसानों की किसी बडी दुर्घटना के खादबीज भरे वाहनों की इंतजार कर रहा है ।इस मामले में जब सहकारी समिति प्रबंधक नरेश राजपूत से जानना चाहा तो उन्होंने बताया कि खादबीज सहित निशुल्क वितरण होने वाले खाद्य सामग्री खादबीज सहित अन्य सामग्री छोटे बडे वाहनों से आती हैं यह सडक जर्जर हो चुकी हैं हमनें नप प्रशासन को मार्ग मरम्मत हेतु पत्र के साथ सीएमओ सहित अन्य अधिकारियों को मौखिक रूप से भी निराकरण करने का आग्रह किया परन्तु कोई सुनने को तैयार नहीं है कभी भी किसानों के साथ कोई घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है।

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