रक्षाबंधन से पहले महंगी हुई राखियां, दुकानदारों की बढ़ी चिंता; बाजार में बढ़ी दुकानों से भी कारोबार प्रभावित

रिपोर्ट : नाजिर अली | Live khabar india


विदिशा। रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही विदिशा के बाजारों में राखियों की रौनक दिखाई देने लगी है। माधवगंज और बड़ा बाजार क्षेत्र में पिछले कई दशकों से रक्षाबंधन के अवसर पर राखियों की अस्थाई दुकानें सजती रही हैं। हर साल की तरह इस बार भी बाजार रंग-बिरंगी राखियों से सजे हैं, लेकिन दुकानदारों के चेहरों पर पहले जैसी खुशी नजर नहीं आ रही है। कारोबारियों का कहना है कि इस बार राखियों की कीमतों में पिछले साल की तुलना में करीब 20 से 25 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा शहर के मुख्य मार्गों और अलग-अलग स्थानों पर बड़ी संख्या में नई दुकानें लगने से ग्राहकों का बंटवारा हो गया है।

कीमत बढ़ने से दुकानदारों की चिंता बढ़ी

राखी कारोबारियों के मुताबिक इस बार राखियों की खरीद कीमत ही पिछले साल की तुलना में अधिक है। इसके चलते उन्हें राखियां महंगे दामों पर बेचनी पड़ रही हैं। बाजार में अलग-अलग क्वालिटी और डिजाइन की राखियां उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत 5 रुपये से शुरू होकर करीब 150 रुपये तक है।

दुकानदारों का कहना है कि त्योहार के दौरान ग्राहक कीमत को लेकर काफी सावधानी बरतते हैं। ऐसे में खरीद कीमत बढ़ने के बावजूद वे ग्राहकों पर पूरी बढ़ी हुई लागत का भार नहीं डाल पा रहे हैं। इसका सीधा असर उनके मुनाफे पर पड़ रहा है।

एक ही बाजार तक सीमित नहीं रहा राखी का कारोबार

माधवगंज और बड़ा बाजार क्षेत्र में राखी की दुकानें लगने की पुरानी परंपरा रही है। यहां त्योहार के दिनों में दूर-दूर से लोग राखियां खरीदने पहुंचते हैं। लेकिन इस बार शहर के कई मुख्य मार्गों और अलग-अलग स्थानों पर भी राखी की दुकानें लग गई हैं।

पुराने दुकानदारों का कहना है कि पहले अधिकांश ग्राहक एक निर्धारित बाजार में खरीदारी करने पहुंचते थे। अब उन्हें रास्ते में ही कई जगह राखियां उपलब्ध हो रही हैं। ऐसे में ग्राहक अलग-अलग स्थानों पर बंट गए हैं और पारंपरिक राखी बाजार में बिक्री प्रभावित हो रही है।

मुंबई, कोलकाता और गुजरात से आ रही राखियां

विदिशा के बाजार में राखियों की अलग-अलग वैरायटी देश के कई शहरों से पहुंच रही है। कारोबारियों के अनुसार मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद और गुजरात के अन्य क्षेत्रों से राखियों की खेप विदिशा आती है।

इस बार बाजार में पारंपरिक राखियों के साथ कई नए डिजाइन और आकर्षक वैरायटी भी देखने को मिल रही हैं। बच्चों के लिए कार्टून और आकर्षक डिजाइन वाली राखियों से लेकर युवाओं और महिलाओं की पसंद के अनुसार अलग-अलग डिजाइन बाजार में मौजूद हैं।

5 रुपये से 150 रुपये तक की राखियां

बाजार में हर वर्ग की जरूरत को ध्यान में रखते हुए राखियां उपलब्ध हैं। सामान्य राखियां जहां करीब 5 रुपये से शुरू हो रही हैं, वहीं आकर्षक डिजाइन, विशेष सजावट और नए पैटर्न वाली राखियों की कीमत 100 से 150 रुपये तक पहुंच रही है।

दुकानदारों को उम्मीद है कि रक्षाबंधन से एक-दो दिन पहले बाजार में खरीदारी तेजी पकड़ेगी। आमतौर पर त्योहार नजदीक आने पर ग्राहक बड़ी संख्या में राखी खरीदने बाजार पहुंचते हैं। ऐसे में कारोबारियों को उम्मीद है कि अंतिम दिनों की बिक्री से शुरुआती नुकसान की कुछ भरपाई हो सकेगी।

बढ़ती दुकानों से ग्राहकों को फायदा, पुराने व्यापारियों को नुकसान

शहर में अलग-अलग जगह राखी की दुकानें लगने से ग्राहकों के लिए खरीदारी आसान जरूर हुई है। उन्हें अपने घर के आसपास ही राखियों की अलग-अलग वैरायटी मिल रही हैं। लेकिन पुराने दुकानदार इसे अपने कारोबार के लिए चुनौती मान रहे हैं।

व्यापारियों का कहना है कि अस्थाई दुकान लगाने के लिए उन्हें पहले से माल खरीदना पड़ता है। इसके बाद दुकान लगाने, परिवहन और अन्य खर्च भी होते हैं। यदि बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई तो त्योहार के बाद बचा हुआ माल भी उनके लिए परेशानी बन सकता है।

अंतिम दिनों पर टिकी कारोबारियों की उम्मीद

फिलहाल विदिशा का राखी बाजार धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। त्योहार करीब आने के साथ बाजार में ग्राहकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। दुकानदारों की नजर अब रक्षाबंधन से पहले के अंतिम दो-तीन दिनों की बिक्री पर टिकी है।

महंगाई, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और शहर में अलग-अलग स्थानों पर खुली दुकानों के बीच इस बार राखी कारोबारियों के लिए त्योहार का सीजन चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है। हालांकि, बाजार में मौजूद नई डिजाइन और आकर्षक राखियों से ग्राहकों की दिलचस्पी बनी हुई है। अब रक्षाबंधन के अंतिम दिनों में होने वाली खरीदारी ही तय करेगी कि इस बार दुकानदारों का कारोबार उम्मीद के मुताबिक रहता है या उन्हें घाटा उठाना पड़ता है।

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