नसीम खान
सांची,,, नगर परिषद के नवनिर्मित कार्यालय भवन के नीचे निर्मित दुकानों के आवंटन के लिए की गई आरक्षण प्रक्रिया अब सवालों के घेरे में आ गई है। आरक्षित वर्ग की दुकानों के आवंटन में निर्धारित नियमों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाते हुए शिकायत कलेक्टर तक पहुंची है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा नियमों के अनुसार दुकान आवंटित किए जाने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार नगर परिषद द्वारा नवनिर्मित कार्यालय भवन के नीचे दुकानों का निर्माण कराया गया है। इन दुकानों के आवंटन के लिए मध्यप्रदेश ई-टेंडर के माध्यम से ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया आयोजित की गई थी। प्रक्रिया के तहत कुछ दुकानों को आरक्षित वर्ग के लिए निर्धारित किया गया था। बताया गया है कि दुकान क्रमांक 1, 3, 6, 10, 12 और 15 आरक्षित रखी गई थीं। इनमें दुकान क्रमांक 1 अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) महिला तथा दुकान क्रमांक 3, 10, 12 एवं 15 अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित बताई गई हैं।
इस मामले में हेडगेवार कॉलोनी सांची निवासी नारायण सिंह पाल पुत्र बीएस पाल ने कलेक्टर को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि निविदा प्रक्रिया में आरक्षण संबंधी निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया। शिकायत में कहा गया है कि आरक्षित दुकानों के लिए संबंधित वर्ग के दस्तावेज निविदा के साथ संलग्न करना अनिवार्य था तथा डिजिटल हस्ताक्षर सहित निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना था।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि निविदाएं प्राप्त होने के बाद नियमों में बदलाव करते हुए ऐसे निविदाकर्ताओं को भी पात्रता की श्रेणी में शामिल किया गया, जिन्होंने निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया था। उनका कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने मामले की जांच कर नियमविरुद्ध कार्य करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई तथा उनकी निविदा के आधार पर दुकान आवंटित किए जाने की मांग की है।
नारायण सिंह पाल ने बताया कि इस संबंध में कलेक्टर को दोबारा आवेदन दिया गया है। उनका कहना है कि मामले को लेकर न्यायालय की शरण भी ली जाएगी। उनके अधिवक्ता द्वारा नगर परिषद सीएमओ को नोटिस भेजे जाने की बात भी कही गई है। शिकायत की प्रतियां आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा नगर परिषद सांची अध्यक्ष को भी भेजी गई हैं।
नगर परिषद ने आरोपों को बताया निराधार
इस संबंध में नगर परिषद सांची के सीएमओ रामलाल कुशवाहा ने कहा कि दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शिता के साथ ऑनलाइन टेंडर के माध्यम से की गई है। आवंटन के लिए जो भी दस्तावेज मांगे गए थे, उन्हीं के आधार पर प्रक्रिया पूरी की गई है। नारायण सिंह पाल द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। कलेक्टर के यहां प्राप्त शिकायत पर नगर परिषद की ओर से प्रतिवेदन भेज दिया गया है तथा मामले में अधिवक्ता से भी सलाह ली जा रही है।
अब जांच से ही स्पष्ट होगा कि आरक्षण प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ या नहीं।





