खतरे से खाली नहीं स्तूप चौराहा पार करना । हमेशा बना रहता अनहोनी का डर।

नसीम खान संपादक
सांची,,, वैसे तो इस स्थल पर विकास सहित सुरक्षा के बड़े बड़े दावे किए जाते रहे हैं परन्तु इस नगर से गुजरे राष्ट्रीय राजमार्ग ने नागरिकों सहित पर्यटकों के सामने सड़क पार करने मुसीबत खड़ी कर रखी है जिससे हमेशा सड़क पार करने लोगों को लंबे समय तक वाहनों के ठहरने का इंतजार करना पड़ता है बावजूद इसके लोगों की जान जोखिम में बनी रहती है ।
जानकारी के अनुसार इस विश्व ऐतिहासिक स्थल पर विकास सहित सुरक्षा के बड़े बड़े दावे किसी से छिपे नहीं है । इस स्थल पर विकास मात्र चर्चाओं में सिमट कर रह गया तो इस स्थल पर नागरिकों सहित बड़ी संख्या में पर्यटकों की सुरक्षा की बात भी यदा-कदा सुनने मिल जाती है परन्तु वास्तविकता इससे कोसों दूर दिखाई देती है इस स्थल से राष्ट्रीय राजमार्ग निकाला गया है इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबी दूरी सहित कम दूरी के छोटे बड़े वाहनों की भाग-दौड़ चौबीस घंटे सुचारू बनी रहती है इस स्थल पर बेधड़क वाहन चालकों की अंधी रफ्तार से आये दिन छोटे बड़े हादसे देखने सुनने को मिल जाते हैं इन हादसों में अनेक लोग या तो अपनी जान गंवा बैठते हैं या गंभीर घायल अवस्था में जिंदगी मौत के बीच लडाई लड़ते देखे जाते हैं परन्तु इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर कहीं कोई न तो सुरक्षा के कहीं कोई संकेत बोर्ड ही लगाये जा सके न ही सांकेतिक सुरक्षा के उपाय ही किये जा सके हैं यहां तक कि नागरिकों सहित पर्यटकों को सड़क पार करने काफी लंबे समय तक वाहनों के ठहरने का इंतजार करना पड़ता है अथवा अपनी जान जोखिम में डालकर वाहन चालकों को अपने हाथों से ठहरने के संकेत दिए जाकर सड़क पार करने की हिम्मत जुटानी पड़ती है इनमें पुरुष महिला बच्चे सहित बुजुर्ग शामिल रहते हैं तब कहीं जाकर बामुश्किल सड़क पार हो पाती है
खतरे से खाली नहीं स्तूप चौराहा पार करना । हमेशा बना रहता अनहोनी का डर।
सांची,,, वैसे तो इस स्थल पर विकास सहित सुरक्षा के बड़े बड़े दावे किए जाते रहे हैं परन्तु इस नगर से गुजरे राष्ट्रीय राजमार्ग ने नागरिकों सहित पर्यटकों के सामने सड़क पार करने मुसीबत खड़ी कर रखी है जिससे हमेशा सड़क पार करने लोगों को लंबे समय तक वाहनों के ठहरने का इंतजार करना पड़ता है बावजूद इसके लोगों की जान जोखिम में बनी रहती है ।
जानकारी के अनुसार इस विश्व ऐतिहासिक स्थल पर विकास सहित सुरक्षा के बड़े बड़े दावे किसी से छिपे नहीं है । इस स्थल पर विकास मात्र चर्चाओं में सिमट कर रह गया तो इस स्थल पर नागरिकों सहित बड़ी संख्या में पर्यटकों की सुरक्षा की बात भी यदा-कदा सुनने मिल जाती है परन्तु वास्तविकता इससे कोसों दूर दिखाई देती है इस स्थल से राष्ट्रीय राजमार्ग निकाला गया है इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबी दूरी सहित कम दूरी के छोटे बड़े वाहनों की भाग-दौड़ चौबीस घंटे सुचारू बनी रहती है इस स्थल पर बेधड़क वाहन चालकों की अंधी रफ्तार से आये दिन छोटे बड़े हादसे देखने सुनने को मिल जाते हैं इन हादसों में अनेक लोग या तो अपनी जान गंवा बैठते हैं या गंभीर घायल अवस्था में जिंदगी मौत के बीच लडाई लड़ते देखे जाते हैं परन्तु इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर कहीं कोई न तो सुरक्षा के कहीं कोई संकेत बोर्ड ही लगाये जा सके न ही सांकेतिक सुरक्षा के उपाय ही किये जा सके हैं यहां तक कि नागरिकों सहित पर्यटकों को सड़क पार करने काफी लंबे समय तक वाहनों के ठहरने का इंतजार करना पड़ता है अथवा अपनी जान जोखिम में डालकर वाहन चालकों को अपने हाथों से ठहरने के संकेत दिए जाकर सड़क पार करने की हिम्मत जुटानी पड़ती है इनमें पुरुष महिला बच्चे सहित बुजुर्ग शामिल रहते हैं तब कहीं जाकर बामुश्किल सड़क पार हो पाती है । जबकि स्तूप चौराहा गुलगांव चौराहा जो सबसे अधिक भीड़ भाड़ वाले चौराहे रहते हैं मुख्य चौराहे पर बसस्टेंड रेलवे स्टेशन सहित स्तूप पहुंचा जाता है इस चौराहे पर बड़ी संख्या में पर्यटकों का भी आना जाना लगा रहता है दूसरी ओर गुलगांव चौराहा इस चौराहे से लगभग पचास गांव के लोगों का भोपाल विदिशा सहित पर्यटक स्थल उदयगिरि पहुंचना लगा रहता है । परन्तु कहीं कोई सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस व्यवस्था नहीं रह पाती हालांकि इस ऐतिहासिक स्थली पर पुलिस प्रशासन ने मात्र एक यातायात आरक्षक की व्यवस्था की है परन्तु वह भी थाना पुलिस के साथ पुलिस के पाइंटों पर ही वाहन चेकिंग में रहने से व्यस्ततम क्षेत्र भगवान भरोसे होकर रह जाते हैं इन चौराहों से वाहनों की तेज रफ्तार पर पुलिस की न तो नजर पहुंच पाती है न ही पुलिस नियंत्रण ही रह पाता है जिससे वाहनों की अंधी रफ्तार हर समय दुर्घटना को न्योता देती दिखाई देती है यही हाल हेडगेवार कालोनी के व्यस्ततम चौराहे पर वाहनों की अंधी रफ्तार से आये दिन दुर्घटना होती रहती है तथा इन चौराहों पर न तो पुलिस की कभी वाहन चेकिंग न ही अंधी रफ्तार से दौड़ने वाले वाहनों पर ही लगाम लगाने की कोशिश ही हो पाती है पुलिस प्रशासन इन व्यस्ततम क्षेत्रों में पुलिस व्यवस्था सुचारू बनाए जिससे वाहनों की अंधी गति पर लगाम कस सके तथा दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

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