मानसून की दस्तक, फिर भी अंधेरे में डूबा नगर; प्रशासन की उदासीनता पर उठे सवाल।बारिश की आहट के बीच स्ट्रीट लाइट व्यवस्था बदहाल, नागरिकों और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता।

नसीमखान सांची
सांची,,
मानसून की आहट के साथ नगर में कभी भी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना बढ़ गई है, लेकिन विडंबना यह है कि नगर अब भी अंधेरे की समस्या से जूझ रहा है। नागरिकों का आरोप है कि मौसम बदलने और संभावित जोखिमों के बावजूद प्रशासन की नजर नगर की बिगड़ती प्रकाश व्यवस्था पर नहीं पड़ रही, जिसका खामियाजा लोगों को बारिश के दौरान उठाना पड़ सकता है।
जानकारी के अनुसार ऐतिहासिक महत्व रखने वाले इस नगर में नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे तो लगातार किए जाते रहे हैं, लेकिन धरातल पर हालात कुछ और ही तस्वीर पेश कर रहे हैं। नगर के कई हिस्सों में लंबे समय से स्ट्रीट लाइट व्यवस्था प्रभावित बनी हुई है, जिससे शाम ढलते ही अंधेरा छाने लगता है और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नगर को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पूर्व में सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे। उस समय नगर को आधुनिक और रोशन बनाने के बड़े दावे किए गए तथा विभिन्न स्थानों पर सौर ऊर्जा आधारित खंभे स्थापित किए गए। शुरुआती दौर में व्यवस्था प्रभावी दिखाई भी दी, लेकिन समय के साथ यह पूरी योजना अपनी चमक खोती चली गई। कई स्थानों पर सौर ऊर्जा व्यवस्था निष्क्रिय हो गई और कुछ स्थानों पर लगाए गए ढांचे भी अब नजर नहीं आते।
इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग मार्ग से गुजरने वाले हिस्सों में सड़कों के दोनों ओर विद्युत खंभे और केबल आधारित प्रकाश व्यवस्था विकसित की गई, जिससे लोगों को उम्मीद जगी कि अब नगर स्थायी रूप से रोशन रहेगा। लेकिन यह व्यवस्था भी लंबे समय तक टिक नहीं सकी। कई स्थानों पर केबल खराब हो गईं, जबकि कुछ खंभे कमजोर साबित हुए और क्षतिग्रस्त होते चले गए। इसके बावजूद न तो संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी सुधार कार्य दिखाई दिया और न ही स्थानीय स्तर पर कोई स्थायी समाधान सामने आ सका।
स्थिति यह है कि शाम होते ही नगर के कई हिस्से अंधेरे में डूब जाते हैं। इससे वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी होती है, वहीं स्थानीय नागरिकों के साथ यहां आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ने लगी है।
अब जबकि मानसून की परिस्थितियां बन रही हैं, नागरिकों की चिंता और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान जलभराव और अंधेरे की स्थिति में जहरीले जीव-जंतुओं तथा दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मानसून पूरी तरह सक्रिय होने से पहले नगर की स्ट्रीट लाइट और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
इतिहास और पर्यटन की पहचान रखने वाला नगर आज रोशनी नहीं, बल्कि व्यवस्था की सक्रियता का इंतजार कर रहा है।

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