सांची में गहराया जल संकट, आश्वासनों की ‘तारीख पर तारीख’ से जनता बेहाल।पाइपलाइन में लीकेज और धीमी रफ्तार से अटकी पेयजल योजना, अध्यक्ष- उपाध्यक्ष सीएमओ ने किया निरीक्षण।

नसीमखान सांची
सांची,,,,
गर्मी का प्रकोप बढ़ते ही विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक नगरी सांची में जल संकट विकराल रूप धारण करता जा रहा है। नगर परिषद के ट्यूबवेल लगातार जवाब दे रहे हैं, जिससे पूरे नगर में पेयजल संकट के आसार गहराते जा रहे हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद अध्यक्ष पप्पू रेवाराम उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजपूत एवं सीएमओ रामलाल कुशवाहा ने सोमवार को नीमखेड़ा नदी स्थित जलप्रदाय प्लांट और वहां से बिछाई गई पाइपलाइन का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार, शासन द्वारा करीब 1.25 करोड़ रुपए की लागत से जलसंवर्धन योजना के तहत सांची को पेयजल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी अर्बन डेवलपमेंट कंपनी को सौंपी गई थी। योजना का कार्य वर्ष 2020 में प्रारंभ हुआ और इसे 2023 तक पूर्ण कर जलापूर्ति शुरू होनी थी, लेकिन समयसीमा बीतने के बाद भी योजना अधूरी पड़ी है।
नगर में पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कों की खुदाई कर दी गई, जिससे नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। निरीक्षण के दौरान करीब 4 किमी पाइपलाइन की जांच में कई स्थानों पर लीकेज और पाइप की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए। जबकि कुल लगभग 10 किमी लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है।
स्थिति यह है कि कई जगह से पाइपलाइन लीकेज होने के कारण पानी का नगर तक पहुंचना मुश्किल नजर आ रहा है। इससे करोड़ों की लागत वाली यह योजना अब सवालों के घेरे में आ गई है। नगर परिषद द्वारा कई बार पत्राचार और मौखिक निर्देश दिए जाने के बावजूद कार्य में अपेक्षित गति नहीं आई है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
पप्पू रेवाराम, अध्यक्ष नगर परिषद सांची:
“निरीक्षण के दौरान पाइपलाइन कई स्थानों पर लीकेज मिली और गुणवत्ता भी ठीक नहीं दिखी। इस संबंध में कलेक्टर को अवगत कराया गया है। कंपनी को शीघ्र जलापूर्ति शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।”
रामलाल कुशवाहा, सीएमओ:
“कंपनी समय पर कार्य पूरा नहीं कर पा रही है, जिससे ट्यूबवेल का जलस्तर लगातार गिर रहा है। पाइपलाइन की स्थिति देखकर नहीं लगता कि इस वर्ष भी जलापूर्ति सुचारू हो पाएगी, फिर भी हम अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं।”
आकाश, इंजीनियर, अर्बन डेवलपमेंट कंपनी:
“प्लास्टिक पाइपलाइन में लीकेज की समस्या आई है, जिसे ठीक किया जा रहा है। प्रयास है कि एक सप्ताह में, अगले सोमवार तक जलापूर्ति शुरू कर दी जाए।”

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