कलेक्टर के निर्देश पर बुधवार को जिला पंचायत सीईओ तथा सभी एसडीएम ने शासकीय स्कूलों का किया निरीक्षण

नसीमखान
शासकीय स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों और मध्यान्ह भोजन का लिया जायजा
शाला से अनुपस्थित मिले शिक्षक-शिक्षिका को नोटिस जारी

रायसेन,
कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा के निर्देशानुसार बुधवार को जिले में जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम और शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा शासकीय स्कूलों का निरीक्षण कर शैक्षणिक कार्य तथा मध्यान्ह भोजन का जायजा लिया गया। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंजू पवन भदौरिया द्वारा शासकीय माध्यमिक शाला सेहतगंज और शासकीय प्राथमिक शाला गौपीसुर सतकुण्डा का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षकों से शैक्षणिक गतिविधियों और बच्चों को मध्यान्ह भोजन वितरण की जानकारी ली। जिला पंचायत सीईओ द्वारा बच्चों से पाठ्य पुस्तक पढ़वाई गई तथा प्रश्न भी पूछे गए। साथ ही शाला में स्थित रसोई का भी निरीक्षण किया और मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता देखी।
इसी प्रकार रायसेन एसडीएम श्री मुकेश सिंह द्वारा एकीकृत शासकीय शाला बर्रूखार तथा एकीकृत शासकीय शाला पैमत का निरीक्षण किया गया। बरेली एसडीएम श्री संतोष मुद्गल द्वारा शासकीय कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल बरेली तथा बेगमगंज एसडीएम श्री सौरभ मिश्रा द्वारा शासकीय सांदीपनी विद्यालय बेगमगंज, शासकीय प्राथमिक शाला बारिकलॉ, शासकीय माध्यमिक शाला उमरखोह तथा शासकीय हाईस्कूल उमरखोह का निरीक्षण किया गया। गौहरगंज, सिलवानी और गैरतगंज क्षेत्र में भी एसडीएम द्वारा शासकीय स्कूलों का निरीक्षण किया गया। शासकीय स्कूलों के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा शिक्षकों से शैक्षणिक गतिविधियों, प्रवेशित बच्चों की संख्या, बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरित होने तथा मध्यान्ह भोजन वितरण की जानकारी ली गई। साथ ही बच्चों से भी संवाद कर विद्यालय समय पर खुलने, शिक्षकों के नियमित आने, मध्यान्ह भोजन गुणवत्तापूर्ण मिलने संबंधी जानकारी ली गई।

निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित शिक्षकों को नोटिस जारीजिला पंचायत सीईओ द्वारा शासकीय माध्यमिक शाला सेहतगंज के निरीक्षण किए जाने के दौरान माध्यमिक शिक्षक जरीन फातमा तथा शासकीय प्राथमिक शाला गोपीसुर सतकुण्डा के निरीक्षण के दौरान प्राथमिक शिक्षक सौरब कुमार चौरसिया बिना पूर्व सूचना के अनाधिकृत रूप से शाला से अनुपस्थित पाए गए। संबंधित शिक्षकों को शासकीय कर्तव्यों के प्रति उदासीनता, लापरवाही एवं अनियमितता बरतने और वरिष्ठ कार्यालय के निर्देशों की अवहेलना करने पर मप्र सिविल सेवा नियम-1966 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर जबाव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। समयावधि में प्रतिवाद प्राप्त नहीं होने या समाधानकारक नहीं होने पर संबंधित शिक्षक-शिक्षिका के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

  • editornaseem

    Related Posts

    छात्रों के भविष्य से खिलवाड़! सांची के छात्रावास में व्यवस्थाओं की खुली पोल, निरीक्षण में सामने आईं कई गंभीर खामियां

    सांची |नसीम खान रायसेन। सरकार जहां विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की हकीकत कुछ…

    राहुल गांधी का अमित शाह पर बड़ा आरोप, बोले- छात्र प्रदर्शन पर हुई कार्रवाई की होनी चाहिए जवाबदेही

    Live khabar india नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। बुधवार को आयोजित एक प्रेस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    छात्रों के भविष्य से खिलवाड़! सांची के छात्रावास में व्यवस्थाओं की खुली पोल, निरीक्षण में सामने आईं कई गंभीर खामियां

    छात्रों के भविष्य से खिलवाड़! सांची के छात्रावास में व्यवस्थाओं की खुली पोल, निरीक्षण में सामने आईं कई गंभीर खामियां

    राहुल गांधी का अमित शाह पर बड़ा आरोप, बोले- छात्र प्रदर्शन पर हुई कार्रवाई की होनी चाहिए जवाबदेही

    राहुल गांधी का अमित शाह पर बड़ा आरोप, बोले- छात्र प्रदर्शन पर हुई कार्रवाई की होनी चाहिए जवाबदेही

    किसान आंदोलन के बीच CM मोहन यादव का बड़ा फैसला, किसानों के लिए बनी मंत्री समूह की समिति

    किसान आंदोलन के बीच CM मोहन यादव का बड़ा फैसला, किसानों के लिए बनी मंत्री समूह की समिति

    भोपाल में किसान आंदोलन पर क्या बोले मुख्यमंत्री मोहन यादव ? देखें पूरा VIDEO

    भोपाल में किसान आंदोलन पर क्या बोले मुख्यमंत्री मोहन यादव ? देखें पूरा VIDEO

    भीख नहीं, अधिकार चाहिए! बैरिकेड्स तोड़ राजधानी पहुंचे किसान, भोपाल में आर-पार की लड़ाई

    भीख नहीं, अधिकार चाहिए! बैरिकेड्स तोड़ राजधानी पहुंचे किसान, भोपाल में आर-पार की लड़ाई

    BPSC शिक्षक भर्ती पेपर लीक: सरकारी डॉक्टर डॉ. मनीष कुमार गिरफ्तार, करोड़ों की वसूली का आरोप

    BPSC शिक्षक भर्ती पेपर लीक: सरकारी डॉक्टर डॉ. मनीष कुमार गिरफ्तार, करोड़ों की वसूली का आरोप