जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में निर्वाचक नामावली का विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में राजनैतिक दलों के साथ बैठक सम्पन्न

नसीमखान सांची, रायसेन

रायसेन,
निर्वाचक नामावली का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों की बैठक सम्पन्न हुई। जिसमें जिला निर्वाचन अधिकारी श्री विश्वकर्मा ने राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों को अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के मान से निर्वाचक नामावली का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के बारे में विस्तार से अवगत कराया।
बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी श्री विश्वकर्मा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने दूसरे चरण की एसआईआर (मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण) की तारीखों की घोषणा कर दी है। इसमें मध्यप्रदेश भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया 28 अक्टूबर से शुरू हो गई है तथा इस बीच 03 नवंबर तक बीएलओ को ट्रेनिंग दी जाएगी। बीएलओ द्वारा 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा। ड्रॉफ्ट रोल का प्रकाशन 09 दिसंबर को किया जाएगा। दावा आपत्तियों के आवेदन 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक लिए जाएंगे। प्राप्त दावा-आपत्तियों की सुनवाई और सत्यापन 09 दिसम्बर से 31 जनवरी 2026 के मध्य किया जाएगा। इसके बाद 7 फरवरी 2026 को फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्वाचन नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों की जिज्ञासाओं और शंकाओं का समाधान भी किया।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मनोज उपाध्याय ने राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों को बताया कि बीएलओ द्वारा प्रत्येक मतदाता को गणना पत्रक प्रदान किया जाएगा जिसमें मतदाता को अपना नाम या अपने परिजन का नाम पिछले एसआईआर में मिलान या लिंक करने में मदद करेगा। उन्होंने बताया कि मतदाता या बीएलओ मिलान/लिंकिंग के लिए पिछले एसआईआर के ऑल इंडिया डाटाबेस https://voters.gov.in की सहायता ले सकेंगे। बीएलओ नए मतदाता के नाम को जोड़ने के लिए फार्म-6 और घोषणा प्रपत्र एकत्र करेंगे तथा मिलान/लिंकिंग में सहायता करेंगे। मतदाता विशेषकर शहरी या अस्थायी रूप से स्थानांतरित व्यक्ति ईएफ ऑनलाईन भी भर सकते हैं। बीएलओ द्वारा ऐसे मतदाताओं की पहचान की जाएगी जो मृत हैं, स्थयी रूप से स्थानांतरित हो गए हैं या एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत हैं। गणना चरण के दौरान ईएफ के साथ किसी अन्य दस्तावेज की आवश्यकता नहीं है। बैठक में विभिन्न राजनैतिक दलों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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