सालों पहले स्वीकृति मिलने के बाद भी नहीं हो सका नाला निर्माण। लोगों में बढ़ी फिर चिंता।

नसीम खान संपादक

वार्ड नं 15 में स्थित तालाब से बारिश में फूटने से बारिश में बनती बाढ़ की स्थिति।

सांची,, वैसे तो यह नगर एक विश्व विख्यात पर्यटक स्थल के रूप में विख्यात है परन्तु इस स्थल पर समस्याओं को निराकार करने न तो सरकार न ही प्रशासन को सुध लेने की फुर्सत नहीं मिल पा रही है कहने को तो इस स्थल को विकास का जामा पहनाने करोड़ों रुपए फूंक दिये गये बावजूद इसके बारिश आने के पहले ही नगर वासियों को बाढ़ के हालात बनने की चिंता सताने लगती है जिससे हर वर्ष लोगों को लाखों रुपए का नुक़सान उठाना पड़ता है। बड़ी बड़ी विकास की बातें कागजों में ही सिमट कर रह जाती है सालों गुजरने के बाद भी पानी निकासी हेतु स्वीकृत होने के बाद भी निर्मित नहीं किया जा सका है।
जानकारी के अनुसार वैसे तो यह नगर एक विश्व विख्यात पर्यटक स्थल कहलाता है यहां विकास की बड़ी बड़ी बाते देखने सुनने को मिल जाती है इस स्थल को सुंदर व विकास के नाम पर करोड़ों रुपए की भेंट चढ़ चुकी है परन्तु विकास जमीनी हकीकत से दूर दूर तक दिखाई नहीं दे रहा है इस स्थल के बीचोंबीच एक मदागन तालाब जो सैकड़ों साल पुराना है यह वार्ड नं 15 में आता है इस तालाब का कायाकल्प करने पर्यटन विभाग द्वारा वर्षों पूर्व निर्माण शुरू किया गया था तब लोगों को उम्मीद बढ़ गई थी कि यह क्षेत्र बाढ़ का रूप नहीं ले सकेगा परन्तु उक्त विभाग द्वारा इस तालाब पर दो और से सीढ़ी एवं रोड़ बना दिया गया परन्तु घनी आबादी क्षेत्र की ओर से तालाब को अधूरा निर्माण छोड़ एजेंसी चलता है गई बताया जाता है इस निर्माण में बड़ा गड़बड़ झाले की बू आती दिखाई देती है बावजूद इसके हर वर्ष बारिश आने के पूर्व लोगों को चिंता बढ़ जाती है पठारी क्षेत्र का पूरा पानी इस तालाब में ही पहुंचता है भरने के बाद यह तालाब फूट जाता है जिससे यहां स्थित अस्पताल भी पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ जाता है तथा अस्पताल में पानी भरने से मरीजों को बाहर निकालना पड़ता है तथा लाखों रुपए के स्वास्थ्य संबंधी उपकरण भी नष्ट हो जाते हैं तथा स्तूप रोड भी पूरी तरह बंद हो जाता है वहीं दूसरी ओर इसी वार्ड में तथा इससे लगे वार्ड नं 5 एवं 14 पूरी तरह बाढ़ ग्रस्त हो जाता है तथा लोगों के घरों में चार-चार पांच-पांच फिट पानी भर जाता है जिससे लाखों रुपए का घरेलू सामान नष्ट हो जाता है हालांकि कुछ वर्ष पूर्व वार्ड नं 5 एवं 14 -15 में हालात बद से बद्तर हो चुके थे तब प्रशासन ने हल्का पटवारी को तत्काल निर्देश दिए थे क्षेत्र का सर्वे करने जब तत्कालीन पटवारी पानी में घुसकर लोगों के नुकसान का जायजा ले ही रहे थे कि पानी में बिजली का करंट उतर गया तथा पटवारी की सर्वे के दौरान मौत हो गई थी बावजूद इसके प्रशासन नहीं जाग सका आज भी बारिश के पूर्व ही प्रभावित वार्ड वासियों को चिंता सताने लगती है। यही हाल हेडगेवार कालोनी पुरातत्व कालोनी का भी बना रहता है लोगों के घरों में इतना पानी भर जाता है कि लोगों को अपना घरेलू सामान छोड़ अपनी जान बचाकर पानी से निकलना पड़ता है । इस भारी समस्या को देखते हुए सरकार ने लगभग इस पानी निकासी हेतु राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे 2 करोड़ 65 लाख रुपए की राशि का लगभग दो किलोमीटर लंबे नाले निर्माण हेतु राशि भी आवंटित कर दी तथा नाला निर्माण की अनुमति भी दे दी गई तब नगर परिषद प्रशासन ने लगभग दो साल पहले इस नाले निर्माण के टेंडर भी करा लिये थे लंबे समय तक न तो नप प्रशासन ने न ही निर्माण एजेंसी ने ही पलटकर देखा तब लंबे समय बाद नप द्वारा ठेका निरस्त कर दिया गया तब से अब कुछ माह पूर्व ही पुनः टेंडर प्रक्रिया शुरू कर स्वीकृत कर दिया गया । लगभग दो माह का समय गुजर चुका है जबकि निर्माण एजेंसी को कार्य आदेश दिनांक 26-1-23 को दिया जा चुका परन्तु लगभग पांच माह गुजरने के बाद भी न तो निर्माण एजेंसी लोट सकी न ही नप प्रशासन ने ही सुध लेने की जहमत उठाई । इस निर्माण को लेकर वार्ड नं 15 के पार्षद विक्की तिवारी ने बताया कि यह समस्या हल वर्ष खड़ी हो जाती है जिससे लोगों को अपने घरों का लाखों रुपए का सामान से हाथ धोना पड़ता है हमने नगर परिषद सीएमओ से भी इस निर्माण को शुरू करने का निवेदन किया था परन्तु इसे गंभीरता से नहीं लिया गया हमने निर्माण एजेंसी से भी बात की है परन्तु निर्माण एजेंसी ने भी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया जिससे समस्या खड़ी होने की संभावना बढ़ रही है हम पार्षदों ने हस्ताक्षर युक्त आवेदन नगरीय प्रशासन विकास विभाग मंत्री जी को भेजा है जिसमें इस निर्माण के लिए आवंटित राशि में हेरफेर कर दी गई है जिसकी जांच की जाये साथ ही इस नाला निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाये । इस मामले में जब अध्यक्ष नगर परिषद पप्पू रेवाराम अहिरवार से बात की तो उन्होंने कहा कि नाले निर्माण का कार्य आदेश जारी किया जा चुका है तथा हम पुनः निर्माण एजेंसी को नोटिस जारी करवा रहे हैं शीघ्र से शीघ्र नाला निर्माण कार्य करवाया जायेगा । यदि एजेंसी कार्य प्रारंभ नहीं करती तो उसके विरुद्ध कार्यवाही होगी एवं बारिश पूर्व हम सड़क किनारे नाले की कच्ची खुदाई कार्य करवाएंगे जिससे बारिश की समस्या को दूर किया जा सके

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