नसीम खान
सांची में पर्युषण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म पर हुआ प्रवचन
सांची,,,हमें अपने मन, वचन तथा शरीर में सरलता एवं ईमानदारी का व्यवहार रखना चाहिए, अर्थात हम जैसा मन में सोचते हैं, वही वचनों में बोलना चाहिए तथा आचरण में भी वही करना चाहिए। उक्त उद्गार स्थानीय श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर में बेंगलुरु से पधारी समाजसेविका श्रीमती निर्मला जैन ने व्यक्त किए।
वे पर्युषण महापर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म के संबंध में धर्मसभा को संबोधित कर रही थीं।
उल्लेखनीय है कि पर्युषण पर्व के दौरान मंदिर में प्रतिदिन धार्मिक वातावरण एवं उत्साह के साथ प्रातः श्रीजी का सामूहिक अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन, दोपहर में विधान तथा रात्रि में आरती, प्रवचन एवं भजनों के साथ धार्मिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।
बीते दिनों हुई शांतिधारा का सौभाग्य सुधा जैन, आनंद जैन, मनोज जैन गुलगांव, रचना जैन, धर्मेंद्र जैन कालू मामा तथा विजय जैन* को प्राप्त हुआ।
मंदिर में प्रतिदिन होने वाले धार्मिक आयोजनों में राजमल जैन, राजेंद्र जैन, संदीप जैन, धर्मेंद्र जैन, अशोक जैन, हिमांशु जैन, सत्यम जैन, सुशील जैन, सोनू जैन, अंकित जैन, प्रिंस जैन, रोहित जैन, माहिल जैन, विक्की जैन समेत अनेक समाज बंधु बड़े उत्साह के साथ शामिल हो रहे हैं।





