राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवैज्ञानिक गतिआवरोधक से जनजीवन प्रभावित, जिम्मेदार कौन।छात्रों की सुरक्षा के नाम पर बनी समस्या, प्रशासन–एनएच विभाग की चुप्पी सवालों के घेरे में

नसीमखान सांची
सांची,,
सांची से होकर गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग पर सांदीपनि विद्यालय के समीप बनाए गए गतिआवरोधक अब प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बनते जा रहे हैं। विद्यार्थियों की सुरक्षा के उद्देश्य से बनाए गए ये गतिआवरोधक तकनीकी मानकों की अनदेखी के चलते आसपास रहने वाले रहवासियों के लिए गंभीर समस्या बन गए हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक न तो प्रशासन ने सुध ली है और न ही संबंधित विभाग ने कोई ठोस कदम उठाया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग से वाहनों का भारी दबाव होने के कारण पहले छात्रों को सड़क पार करने में खतरा बना हुआ था। विद्यालय प्रबंधन एवं अभिभावकों की मांग पर गतिआवरोधकों का निर्माण कराया गया, किंतु निर्माण एजेंसी द्वारा इन्हें बिना निर्धारित मानकों, रेडियम लाइनिंग एवं चेतावनी संकेतक बोर्ड के तैयार कर दिया गया। इसके बाद निर्माण एजेंसी ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया, जबकि निगरानी करने वाले विभाग की भूमिका भी पूरी तरह सवालों के घेरे में है।
दिन के समय तो इन गतिआवरोधकों से वाहनों की गति नियंत्रित हो जाती है, लेकिन रात्रि में अंधेरे के कारण ये वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते। तेज रफ्तार वाहन जब इन पर से गुजरते हैं तो इतनी तेज आवाज होती है कि दुर्घटना का आभास होता है। स्थानीय लोग डर के मारे घरों से बाहर निकलने को मजबूर हो जाते हैं, वहीं छोटे बच्चे भयभीत हो जाते हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इन्हीं अवैज्ञानिक गतिआवरोधकों के कारण पहले भी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन न तो राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, न लोक निर्माण विभाग और न ही जिला प्रशासन ने मौके का निरीक्षण करना उचित समझा। सवाल यह है कि यदि किसी बड़ी दुर्घटना की स्थिति बनती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
गतिआवरोधक के सामने निवास करने वाले किसान संजीत वर्मा ने बताया कि “दिनभर खेतों में मेहनत करने के बाद रात में भी चैन नहीं है। तेज आवाज से नींद उड़ गई है। प्रशासन को या तो इन्हें हटाना चाहिए या मानकों के अनुसार सुधार करना चाहिए।”
वहीं व्यापारी लाला राम साहू का कहना है कि “रात में बार-बार तेज आवाज से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। कई बार बाहर निकलकर स्थिति देखनी पड़ती है।”
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल स्थल निरीक्षण कर जिम्मेदारी तय की जाए तथा या तो इन गतिआवरोधकों को हटाया जाए या राष्ट्रीय मानकों के अनुसार रेडियम मार्किंग, संकेतक बोर्ड एवं आवश्यक तकनीकी सुधार कराए जाएं।
अब सवाल यह है कि प्रशासन समय रहते कार्रवाई करेगा या किसी बड़े हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करने की औपचारिकता निभाएगा।

  • editornaseem

    Related Posts

    CJP का आरोप: प्रदर्शन खत्म होने के बाद छात्रों को बनाया जा रहा निशाना, सरकार पर समझौता तोड़ने का दावा

    Live Khabar India | नई दिल्ली प्रदर्शन समाप्त होने के बाद CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) ने सोमवार को पहली बार मीडिया के सामने आकर केंद्र सरकार और पुलिस पर गंभीर…

    मेढकी में युवक की तलवार से हत्या, अज्ञात हमलावरों की तलाश में जुटी पुलिस।दुकान बंद कर घर लौट रहे 25 वर्षीय राकेश लोधी पर तीन बाइक सवार बदमाशों ने किया हमला, इलाज के दौरान भोपाल में हुई मौत

    नसीमखान सांचीसांची,,, थाना सांची अंतर्गत ग्राम मेढकी में शनिवार रात करीब 9:30 बजे एक सनसनीखेज वारदात में अज्ञात हमलावरों ने तलवार से हमला कर 25 वर्षीय युवक की हत्या कर…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    CJP का आरोप: प्रदर्शन खत्म होने के बाद छात्रों को बनाया जा रहा निशाना, सरकार पर समझौता तोड़ने का दावा

    CJP का आरोप: प्रदर्शन खत्म होने के बाद छात्रों को बनाया जा रहा निशाना, सरकार पर समझौता तोड़ने का दावा

    मेढकी में युवक की तलवार से हत्या, अज्ञात हमलावरों की तलाश में जुटी पुलिस।दुकान बंद कर घर लौट रहे 25 वर्षीय राकेश लोधी पर तीन बाइक सवार बदमाशों ने किया हमला, इलाज के दौरान भोपाल में हुई मौत

    मेढकी में युवक की तलवार से हत्या, अज्ञात हमलावरों की तलाश में जुटी पुलिस।दुकान बंद कर घर लौट रहे 25 वर्षीय राकेश लोधी पर तीन बाइक सवार बदमाशों ने किया हमला, इलाज के दौरान भोपाल में हुई मौत

    सांची में 24 घंटे जलापूर्ति का सपना अधूरा, छह साल बाद भी दो दिन में एक बार मिल रहा पानी

    सांची में 24 घंटे जलापूर्ति का सपना अधूरा, छह साल बाद भी दो दिन में एक बार मिल रहा पानी

    जनजातीय युवाओं की प्रतिभा, लोक कलाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए तैयार की जाएंगी विशेष योजनाएँ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    जनजातीय युवाओं की प्रतिभा, लोक कलाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए तैयार की जाएंगी विशेष योजनाएँ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    पेपर लीक पर केंद्र का बड़ा प्रहार, दोषियों को 10 साल तक की सजा और ₹10 करोड़ तक जुर्माने की तैयारी

    पेपर लीक पर केंद्र का बड़ा प्रहार, दोषियों को 10 साल तक की सजा और ₹10 करोड़ तक जुर्माने की तैयारी

    विपक्ष की नई रणनीति! पेपर लीक के बाद अब अयोध्या मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी

    विपक्ष की नई रणनीति! पेपर लीक के बाद अब अयोध्या मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी