Live Khabar India | नई दिल्ली
प्रदर्शन समाप्त होने के बाद CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) ने सोमवार को पहली बार मीडिया के सामने आकर केंद्र सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। पार्टी का कहना है कि आंदोलन खत्म होने के बावजूद छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जो सरकार के साथ हुई सहमति के विपरीत है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी हिस्सा लिया। CJP नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन समाप्त कराने के दौरान सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब उसी समझौते का उल्लंघन किया जा रहा है।
इधर कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI ने भी प्रेस वार्ता कर दावा किया कि दिल्ली और बिहार में कई छात्रों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। संगठन ने इसे छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश बताया।
गौरतलब है कि NEET पेपर लीक विवाद को लेकर CJP लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही थी। मंत्री के इस्तीफा देने के बाद 25 जुलाई को CJP प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के बीच तीसरे दौर की बैठक हुई थी। बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह शामिल हुए थे।
बताया गया कि बैठक में प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर दर्ज नहीं करने और आत्महत्या करने वाले NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने जैसे मुद्दों पर सहमति बनी थी। हालांकि अब CJP का आरोप है कि इन आश्वासनों का पालन नहीं किया जा रहा है।
फिलहाल सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी हलचल तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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