नसीमखान
सांची,,, गर्मी ने इस बार अपने तेवर कड़े कर दिए हैं। तापमान ने 38 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे नगरभर में बेचैनी का माहौल है। धूप की तीव्रता और हवा की नमी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। पसीने से तरबतर लोग छांव और ठंडे पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं।
इतिहासिक स्थल सांची में भी इसका सीधा असर देखा गया। आमतौर पर गर्मियों में भी पर्यटकों की रौनक बनी रहती थी, लेकिन इस बार संख्या में भारी गिरावट देखी गई है। तपती धूप और उमस भरी हवाओं ने पर्यटकों के कदम रोक दिए हैं।
बाजारों में भी इसका असर साफ नजर आ रहा है। गर्मी के कारण दुकानों पर रौनक गायब है। ठंडी चीजों की मांग बढ़ी है, लेकिन कूलर और पंखे भी राहत देने में नाकाम साबित हो रहे हैं। कई लोगों ने बताया कि कूलर की हवा भी अब गर्म लगने लगी है।
नगर में हरियाली की कमी ने भी हालात और बिगाड़ दिए हैं। नागरिकों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान अंधाधुंध पेड़ों की कटाई की गई, लेकिन उसके बाद संबंधित विभाग द्वारा कोई पौधारोपण नहीं किया गया। विकास के नाम पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया गया, जिसका खामियाजा अब जनता को भुगतना पड़ रहा है। हालांकि के पौधे रोपण अभियान तो समय समय पर चलाये गए परन्तु वह मात्र एक औपचारिकता भर सीमित रह सके ।
नगरवासियों ने आपस में गर्मी से बचाव के उपाय साझा करते हुए एक-दूसरे को राहत पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन जब तक हरियाली नहीं लौटती, तब तक राहत की उम्मीद करना मुश्किल है।






