नसीमखान
सांची। नगर से सटे गुलगांव रेलवे गेट पर करोड़ों की लागत से निर्मित ओवरब्रिज की गुणवत्ता पर अब सवाल उठने लगे हैं। लंबे इंतजार के बाद तैयार हुआ यह ब्रिज ग्रामीण अंचल के लगभग 35 गांवों के लोगों सहित भोपाल–विदिशा और अन्य बड़े शहरों तक आने-जाने वालों के लिए राहत साबित हुआ था।
परंतु अब इस ओवरब्रिज पर जगह-जगह गड्ढे पड़ने लगे हैं और इनमें से लोहे के सरिये भी बाहर झांकने लगे हैं। इससे छोटे-बड़े वाहनों को हादसों का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के कुछ समय बाद ही गड्ढे बनने लगे थे, जिन पर संबंधित एजेंसी ने अस्थायी मरम्मत कर दी थी। लेकिन अब पुनः गड्ढे गहरे हो गए हैं और ब्रिज की वास्तविक गुणवत्ता पर संदेह गहराने लगा है। भारी वाहनों का दबाव और नीचे से गुजरती ट्रेनों की थरथराहट ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
राहगीरों ने चिंता जताते हुए कहा कि “इस स्थिति में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जिम्मेदार विभाग को तुरंत मरम्मत करानी चाहिए।” वहीं वाहन चालकों का कहना है कि “गड्ढों से गुजरते वक्त पहियों का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।”
ओवरब्रिज की इस स्थिति पर न तो निर्माण एजेंसी और न ही रेलवे प्रशासन व जिला प्रशासन ने ध्यान दिया है। यही वजह है कि राहगीरों व वाहन चालकों में असंतोष व्याप्त है और वे प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे है ।






