नसीमखान सांची
सांची। क्षेत्र में किसानों की मेहनत नकली कीटनाशक दवाओं के कारोबार की भेंट चढ़ रही है। ताजा मामला ग्राम फिरोजपुर का है, जहां किसान संजीव पाल की धान और सोयाबीन की फसल महंगी दवा डालने के बाद पूरी तरह चौपट हो गई।
जानकारी के अनुसार संजीव पाल ने अपनी 5 एकड़ सोयाबीन और 2 एकड़ धान की फसल के उत्पादन बढ़ाने के लिए 31 अगस्त को शिखर ग्रीन कृषि सेवा, सांची से ₹2646 की दवा खरीदी थी। 6 सितंबर को दवा डालने के बाद कुछ ही समय में पूरी फसल नष्ट हो गई। किसान का कहना है कि दवा एक्सपायरी डेट (9-9 -25) थी दवा उपयोग करने के कुछ दिन मे ही एक्सपायर हो गई, बावजूद इसके विक्रेता ने बिक्री कर दी। जिससे उत्पादन बढने के स्थान पर फसल ही पूरी तरह चौपट हो गई।
फसल बर्बाद होने से परेशान किसान ने थाना प्रभारी सांची और अतिरिक्त तहसीलदार को आवेदन देकर दवा विक्रेता पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संजीव पाल ने बताया कि उनका परिवार नौ सदस्यों का है और आजीविका पूरी तरह खेती पर निर्भर है, लेकिन फसल चौपट होने से सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
इस संबंध में अतिरिक्त तहसीलदार ललित सक्सेना ने कहा कि किसान का आवेदन प्राप्त हुआ है। हल्का पटवारी को मौके पर सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। प्रतिवेदन आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रभावित किसान को बीमा कंपनी को भी सूचना देने को कहा गया है, जिससे सर्वेयर निरीक्षण कर बीमा राशि का दावा किया जा सके।
किसानों का कहना है कि क्षेत्र में नकली खाद और कीटनाशक दवाओं का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। कुछ समय पहले ही नकली खाद का बड़ा मामला उजागर हुआ था, अब नकली दवाओं से फसल चौपट होने के मामले सामने आ रहे हैं। विभागीय लापरवाही से किसान लगातार नुकसान उठा रहे हैं और अपनी मेहनत पर आंसू बहाने को मजबूर हैं।






