नसीमखान सांची
सांची,,भोपाल से विदिशा के बीच प्रस्तावित फोरलाइन सड़क निर्माण परियोजना की चर्चा ने एक बार फिर सांची नगर और आसपास के क्षेत्रों में हलचल पैदा कर दी है। राष्ट्रीय राजमार्ग-146 (NH-146) पर बनने वाली इस चार लेन सड़क के संभावित मार्ग को लेकर लोगों में उत्सुकता के साथ-साथ चिंता भी देखने को मिल रही है।
पहले भी जब राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण हुआ था, तब सड़क किनारे बने पुराने भवनों के मालिकों को अपने निर्माण आगे-पीछे करने की मशक्कत करनी पड़ी थी। अब एक बार फिर चौड़ीकरण की खबरों से नगरवासी असमंजस में हैं कि कहीं इस बार भी उनके भवन अधिग्रहण की जद में न आ जाएँ।
मार्ग की कुल लंबाई लगभग 42 किलोमीटर प्रस्तावित है, जो भोपाल अयोध्या बायपास से प्रारंभ होकर भानपुर चौराहा होते हुए विदिशा बायपास के पास समाप्त होगी। इस निर्माण के बाद भोपाल–विदिशा आवागमन तेज़ और सुगम होने की उम्मीद है।
स्थानीय स्तर पर चिंता और चर्चाएँ
सांची में रहवासी व व्यापारी इस चर्चा को लेकर चिंतित हैं
कई लोगों का मानना है कि यदि सांची क्षेत्र से फोरलाइन गुजरेगी, तो यहां के ऐतिहासिक स्वरूप और व्यावसायिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
विभागीय स्थिति अब तक अस्पष्ट
अब तक NHAI या लोक निर्माण विभाग की ओर से इस परियोजना के सटीक मार्ग को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। निविदा दस्तावेज़ों में सांची का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है।
अधिकारियों के अनुसार, यह योजना अभी प्रारंभिक स्तर पर है और वास्तविक सर्वेक्षण व भू-अधिग्रहण प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है जानकारी आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह सड़क किन क्षेत्रों से गुजरेगी। अभी केवल प्रारंभिक प्रस्ताव स्तर पर चर्चा चल रही है।
पहले भी उठ चुकी हैं ऐसी चिंताएँ
यह पहली बार नहीं है जब सांची क्षेत्र में सड़क निर्माण को लेकर आशंका व्यक्त की जा रही है। पूर्व में भी राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान मकान मालिकों को बार-बार अपने निर्माण समायोजित करने पड़े थे। अब वही स्थिति दोबारा बनती दिख रही है।






