भावांतर योजना का लाभ लेने के लिए सभी सोयाबीन उत्पादक किसान पंजीयन जरूर कराएं- संभागायुक्त श्री सिंह

नसीमखान सांची, रायसेन
भोपाल संभागायुक्त ने गैरतगंज में किसानों से किया संवाद
किसानों ने ट्रालियों के पीछे लगाई रेडियम पट्टी

रायसेन,
भोपाल संभागायुक्त श्री संजीव सिंह द्वारा गुरूवार को रायसेन जिले के गैरतगंज स्थित कृषि उपज मण्डी में किसानों के साथ भावांतर योजना के संबंध में चर्चा की गई। उन्होंने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि किसानों को उनकी सोयाबीन फसल का न्यूतनम समर्थन मूल्य देने के लिए भावांतर योजना को प्राथमिकता के साथ लागू की गई है। शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र किसान इससे वंचित न रहे। इसके लिए पंजीयन कराना जरूरी है। इस दौरान कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा ने अवगत कराया कि जिले में अभी तक भावांतर योजना के तहत 7200 से अधिक किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है तथा रकबा 20202 हैक्टेयर है। संभागायुक्त की उपस्थिति में किसानों द्वारा ट्रालियों के पीछे रेडियम की पट्टी भी लगाई गई। उन्होंने सभी किसानों से आव्हान किया कि वह अपने ट्रेक्टर-ट्रालियों के पीछे रेडियम की पट्टी जरूर लगाएं, जिससे कि रात्रि में दुर्घटना की संभावना ना रहें।
इस अवसर पर कृषि अधिकारी तथा कृषि वैज्ञानिक ने किसानों से कहा कि जिन सोयाबीन उत्पादक किसानों ने अभी तक भावांतर योजना में पंजीयन नहीं कराया है वह 17 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से पंजीयन करा लें। भावांतर योजना के तहत किसान 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक मंडी में फसल बेच सकेंगे। किसानों को 15 दिवस में भावांतर की राशि उनके आधार लिंक बैंक खातों में सीधे अंतरित की जाएगी। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि गेहूॅ की जगह सरसों की खेती में ज्यादा फायदा है। किसानों को सरसों की खेती को भी अपनाना चाहिए।
कृषि वैज्ञानिकों ने फसल के अवशेषों, पराली के उचित प्रबंधन के बारे में किसानों को जानकारी देते हुए कहा कि पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति नष्ट होने के साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान होता है। साथ ही कई बार गंभीर घटनाएं भी हो जाती है। किसान भाई पराली के उचित प्रबंधन हेतु हेप्पी सीडर, सुपर सीडर सहित अन्य उन्नत कृषि यंत्रों का उपयोग करें। इन कृषि यंत्रों के लिए शासन द्वारा अनुदान भी दिया जाता है। उन्होंने कहा कि धान की कटाई रीपर से ही की जाए। इसके अतिरिक्त संभागायुक्त ने उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर चर्चा करते हुए कहा कि खेती में डीएपी की जगह एनपीके का उपयोग करना है। एनपीके में पोटाश भी होता है, जो कि डीएपी में नहीं होता।
संवाद के दौरान दो किसानों ने बताया कि इस बार उनके द्वारा नवाचार के रूप में अश्वगंधा की खेती शुरू की गई है। अभी अश्वगंधा विक्रय के लिए नीमच या अन्य जिलों में जाना पड़ता है। जिले में ही अश्वगंधा विक्रय के लिए बाजार उपलब्ध हो तो अन्य किसान भी इसकी खेती के लिए प्रेरित होंगे। इस अवसर पर सहायक कलेक्टर श्री कुलदीप पटेल, एसडीएम श्रीमती सरोज अग्निवंशी तथा अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

  • editornaseem

    Related Posts

    खेत में आग से तीन एकड़ गेहूं की फसल राख।मेहगांव में अग्निकांड, ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड की तत्परता से बड़ा नुकसान टला।

    नसीमखान सांचीसांची,,, सांची थाना क्षेत्र के ग्राम मेहगांव में आज खड़ी गेहूं की फसल में अचानक आग लगने से लगभग तीन एकड़ फसल जलकर राख हो गई। यह घटना जयमातादी…

    सिद्धेश्वरी माता मंदिर में धूमधाम से मनाया गया राम जन्मोत्सव।

    नसीमखान सांची राम जीवन से समरसता और संगठन निर्माण का संदेश, आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसमूह।सांची,,, नगर के सिद्धेश्वरी माता मंदिर में आज राम जन्मोत्सव का पर्व श्रद्धा और…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    खेत में आग से तीन एकड़ गेहूं की फसल राख।मेहगांव में अग्निकांड, ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड की तत्परता से बड़ा नुकसान टला।

    खेत में आग से तीन एकड़ गेहूं की फसल राख।मेहगांव में अग्निकांड, ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड की तत्परता से बड़ा नुकसान टला।

    सिद्धेश्वरी माता मंदिर में धूमधाम से मनाया गया राम जन्मोत्सव।

    सिद्धेश्वरी माता मंदिर में धूमधाम से मनाया गया राम जन्मोत्सव।

    धर्ममय हुई सांची नगरी, नवरात्रि में मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड।सुबह से जलाभिषेक व पूजा-अर्चना का सिलसिला, प्रमुख मंदिरों में दिखा आस्था का उत्साह।

    धर्ममय हुई सांची नगरी, नवरात्रि में मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड।सुबह से जलाभिषेक व पूजा-अर्चना का सिलसिला, प्रमुख मंदिरों में दिखा आस्था का उत्साह।

    विशाल चुनरी यात्रा ग्राम बेल्दी में निकाली गई।

    विशाल चुनरी यात्रा ग्राम बेल्दी में निकाली गई।

    हर्षोल्लास और सौहार्द के साथ मना ईद-उल-फितर का पर्व।नमाज के बाद देश में अमन-चैन और खुशहाली की मांगी दुआ, लोगों ने गले मिलकर दी मुबारकबादसांची,

    हर्षोल्लास और सौहार्द के साथ मना ईद-उल-फितर का पर्व।नमाज के बाद देश में अमन-चैन और खुशहाली की मांगी दुआ, लोगों ने गले मिलकर दी मुबारकबादसांची,

    धर्ममय हुई ऐतिहासिक नगरी सांची, मंदिरों में गूंजे भजन तो मस्जिद में अदा हुई अलविदा जुमे की नमाज।नौदुर्गा की शुरुआत से बढ़ी धार्मिक गतिविधियां, ईद की तैयारियों में भी दिखा उत्साह।

    धर्ममय हुई ऐतिहासिक नगरी सांची, मंदिरों में गूंजे भजन तो मस्जिद में अदा हुई अलविदा जुमे की नमाज।नौदुर्गा की शुरुआत से बढ़ी धार्मिक गतिविधियां, ईद की तैयारियों में भी दिखा उत्साह।