नसीमखान सांची
सांची,,
इन दिनों मतदाता सूची में दावे एवं आपत्तियों को लेकर क्षेत्रभर में मतदाताओं के बीच भारी बेचैनी का माहौल बना हुआ है। हर ओर ज्ञापन सौंपने का सिलसिला जारी है और लोगों में यह भय सताने लगा है कि कहीं उनके नाम मतदाता सूची से न हटा दिए जाएं।
जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में मतदाताओं के नामों पर आपत्तियां दर्ज की गई हैं, जिससे उनके नाम सूची से बाहर होने का खतरा मंडराने लगा है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिन व्यक्तियों के नाम से आपत्तियां दर्ज होना बताया जा रहा है, वे स्वयं ऐसी किसी भी आपत्ति से साफ इंकार कर रहे हैं। इससे फर्जी आपत्तियां दर्ज किए जाने की आशंका गहराती जा रही है।
ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां कथित आपत्तिकर्ता ने आपत्ति दर्ज कराने से इंकार किया है। ऐसे में यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर झूठी आपत्तियां कौन और किस उद्देश्य से दर्ज कर रहा है। जबकि निर्वाचन आयोग के निर्देश पर बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर सर्वे किया जा चुका है, इसके बावजूद अब पुनः आपत्तियों के चलते बीएलओ द्वारा पंचनामा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
इस पूरी प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग अपने ही बीएलओ की सत्यता पर उठ रहे सवालों को थामने में असफल नजर आ रहा है। परिणामस्वरूप मतदाताओं के बीच आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अविश्वास की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिससे आयोग की छवि को भी आघात पहुंचता दिखाई दे रहा है।
इसी कड़ी में आज गुलगांव के लोगों ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर फर्जी आपत्तियां लगाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन एसडीएम को दिया गया, जिसकी प्रतिलिपि नायब तहसीलदार एवं थाना प्रभारी को भी सौंपी गई।
मतदाता लोकतंत्र की नींव हैं, ऐसे में निर्वाचन आयोग को तत्काल हस्तक्षेप कर विश्वास बहाली की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।






