नसीमखान सांची
सांची,,,
विश्वविख्यात ऐतिहासिक एवं बौद्ध धरोहरों से समृद्ध सांची अब विकास की दौड़ में भी तेजी से आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। बीते कुछ वर्षों में नगर में करोड़ों रुपये की लागत से हुए विभिन्न विकास कार्यों ने सांची को आधुनिकता से जोड़ते हुए उसकी महत्ता को और अधिक सुदृढ़ किया है।
नगर के रेलवे स्टेशन का करोड़ों रुपये की लागत से उन्नयन कर उसे इस ऐतिहासिक स्थल के अनुरूप भव्य स्वरूप दिया गया है, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। वहीं नगर परिषद कार्यालय का आधुनिकीकरण कर प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाया गया है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में भी सांची ने उल्लेखनीय प्रगति की है। प्राथमिक अस्पताल को सिविल अस्पताल का दर्जा प्रदान किया गया है तथा नवीन भवन का निर्माण करोड़ों की लागत से किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रवासियों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसी क्रम में नवीन थाना भवन का निर्माण कर पुलिस व्यवस्था को भी आधुनिक संसाधनों से सशक्त किया गया है।
पर्यटन विकास को गति देने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग द्वारा जम्बूद्वीप पार्क सहित रेलवे स्टेशन मार्ग पर फुटपाथीकरण, जगह-जगह बैठक व्यवस्था तथा सौंदर्यीकरण के कार्य किए गए हैं। स्तूप परिसर में नाइट लाइट शो जैसी आकर्षक पहल ने सांची को पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान दी है।
किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सांची से लगभग तीन किलोमीटर दूर नवनिर्मित तहसील भवन का निर्माण किया गया है, जिससे ग्रामीण अंचल के किसानों एवं नागरिकों को प्रशासनिक सेवाओं में राहत मिल सके। इसके साथ ही नगर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, सीसी रोड, नाला एवं नाली निर्माण जैसे अनेक बुनियादी विकास कार्य भी पूर्ण किए गए हैं।
इन सभी कार्यों ने न केवल नगर की आधारभूत संरचना को मजबूत किया है, बल्कि सांची को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और पर्यटक-अनुकूल नगर के रूप में स्थापित किया है।
धरोहर और विकास के संतुलन के साथ सांची आज न केवल इतिहास की पहचान है, बल्कि भविष्य की संभावनाओं का भी सशक्त प्रतीक बनकर उभर रही है।






