नसीमखान सांची
सांची,,,
इन दिनों नगर में अतिक्रमण का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे सांची की पहचान और छवि पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। नगर की प्रमुख सड़कें अतिक्रमण की चपेट में आ चुकी हैं, वहीं स्थानीय प्रशासन की चुप्पी स्थिति को और गंभीर बनाती नजर आ रही है।
अतिक्रमण के चलते न केवल सड़कें संकरी हो गई हैं, बल्कि नगर की स्वच्छता व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। जानकारी के अनुसार, नगर को स्वच्छ और सुंदर स्वरूप देने के उद्देश्य से पूर्व में बड़े स्तर पर कवायद शुरू की गई थी, लेकिन अतिक्रमण के कारण यह प्रयास प्रभावहीन होकर रह गया।
नगर में लोगों की सुविधा और पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए बनाए गए फुटपाथ भी अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुके हैं। इसके अलावा सड़कों पर वाहनों की अवैध पार्किंग आम हो गई है, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बन रही है। विशेषकर हाट-बाजार के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है।
नगर के भीतरी क्षेत्रों में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। कई सड़कें अतिक्रमण के कारण गलियों में तब्दील हो गई हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। यातायात नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग मौन साधे हुए हैं।
गौरतलब है कि सांची को विश्व ऐतिहासिक एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल का दर्जा प्राप्त है, लेकिन नगर में फैली यह अव्यवस्था कहीं न कहीं इसकी वैश्विक छवि को धूमिल कर रही है।
यदि समय रहते अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो विश्व ऐतिहासिक सांची की पहचान अव्यवस्था की भेंट चढ़ सकती है।





