नसीमखान सांची
सांची,,,
इन दिनों नगर में शादी-ब्याह का मौसम पूरे शबाब पर है। शहनाइयों की गूंज, बैंड-बाजों की मधुर धुन और रंग-बिरंगी रोशनियों से सांची के शादी गार्डन गुलजार हो उठे हैं। लंबे समय से सूने पड़े गार्डन अब रौनक और भीड़-भाड़ से जगमगाते नजर आ रहे हैं। बैंड की धुन पर थिरकती युवाओं की टोलियां नगर की फिज़ा को उत्सवी बना रही हैं।
शादी के इस मौसम में कहीं बेटे विवाह बंधन में बंध रहे हैं तो कहीं बेटियों की विदाई की तैयारियां चल रही हैं। इससे नगर की रफ्तार तेज हो गई है और साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। शादी गार्डन संचालकों के साथ-साथ बैंड-बाजा दल, लाइट डेकोरेशन करने वाले कारीगर, बिजली कर्मचारी, मिठाई निर्माता, कैटरिंग स्टाफ और वाहन संचालक सभी काम में व्यस्त दिखाई दे रहे हैं। बारातों में घोड़ों की मांग भी खासा बढ़ गई है।
न्यायालय के निर्देशों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
शादी समारोहों में डीजे की तेज आवाज अब सुनाई नहीं देती। न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए डीजे की आवाज सीमित कर दी गई है, जिससे रात्रिकालीन शांति बनी हुई है और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है।
शादी समारोहों के अलावा आशीर्वाद समारोहों का आयोजन भी बड़ी संख्या में किया जा रहा है, जहां लोग नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं और आशीर्वाद दे रहे हैं। खास बात यह है कि अधिकांश शादियां दहेज-मुक्त दिखाई दे रही हैं, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव की झलक मिलती है।
हालांकि कुछ शादी गार्डनों में पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने से सड़क किनारे वाहनों की कतारें लग जाती हैं। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने गार्डन संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वाहन पार्किंग सड़क से हटकर कराई जाए, ताकि यातायात बाधित न हो और जाम की स्थिति न बने।
कुल मिलाकर शादी-ब्याह का यह मौसम न सिर्फ खुशियां बांट रहा है, बल्कि सांची के आर्थिक और सामाजिक जीवन में भी नई चमक भर रहा है।
शहनाइयों की मिठास के साथ, कानून की मर्यादा निभाते हुए सांची में शादी-ब्याह का मौसम पूरे अनुशासन और उल्लास के साथ आगे बढ़ रहा है ।






