नसीमखान सांची, रायसेन
रायसेन,
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा ने विभागीय गतिविधियों, स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तिकरण के लिए दोनों विभाग का अमला समन्वित प्रयास करें। उन्होंने बैठक के प्रारंभ में विकासखण्डवार बाल मृत्यु की विस्तृत समीक्षा करते हुए सीएमएचओ तथा डीपीओ महिला बाल विकास को निर्देशित किया कि जिले में बाल मृत्यु दर को लगातार कम करते हुए जीरो पर लाना है। इसके लिए जरूरी है कि दोनों विभाग गंभीरता के साथ काम करें।
कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सीएमएचओ, बीएमओ तथा अन्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल मृत्यु के कारणों की विस्तृत समीक्षा करें। सटीक विश्लेषण से मृत्यु का कारण तो पता चलेगा ही, साथ ही उसके निवारण की दिशा में प्रयास भी तेज होंगे। हाई रिस्क नवजातों का चिन्हांकन तथा समयबद्ध एवं रेफरल कार्य गंभीरता से हो। इसके अतिरिक्त एएनसी रजिस्ट्रेशन की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्तमान में एएनसी रजिस्ट्रेशन 72 प्रतिशत ही है, इसे एक सप्ताह में 90 प्रतिशत से अधिक करने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने पोर्टल खुलवाकर बाल मृत्यु की विकासखण्डवार जानकारी का सूक्ष्मता से अवलोकन किया।
उन्होंने विकासखण्डवार बाल मृत्यु के प्रकरणों की समीक्षा के दौरान जिले में बाल मृत्यु को रोकने के लिए गंभीरतापूर्वक कार्य नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधितों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश देते हुए कहा कि बाल मृत्यु दर में निरंतर कमी लाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बीएमओ से एनएचएम के पोर्टल पर बाल मृत्यु की जानकारी दर्ज कराने, मृत्यु के कारणों की समीक्षा करने और आगे इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न ना हो, इसके लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी लेते हुए निर्देशित किया कि सभी बीएमओ इसे गंभीरता से देखें और पोर्टल पर दर्ज जानकारी का स्वयं विश्लेषण करें।
कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने कहा कि स्वस्थ्य शिशु के लिए गर्भवती महिलाओं का स्वस्थ्य रहना, पोषण आहार और सभी जांच होना जरूरी है। इसलिए गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की सतत् निगरानी की जाए तथा शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराएं। उन्होंने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि समस्त प्रसव केंद्रों पर उपकरणों, दवाइयों तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और नियमित निरीक्षण भी किया जाए। इसके अतिरिक्त आशा, एएनएम सहित अन्य अमले द्वारा की जाने वाली गृह भेंट की भी नियमित समीक्षा करने के लिए कहा। साथ ही प्रसव पूर्व और बाद की गतिविधियों की भी नियमित रूप से मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो।
कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान सैम-मैम बच्चों की जानकारी लेते हुए बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण आहार तथा दवाओं के वितरण की समीक्षा की। उन्होंने महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि सीडीपीओ, सुपरवाईजर एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्यप्रगति की नियतिम समीक्षा की जाए। जिले में कुपोषणमुक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों में कमी आई है, जो कि चिंताजनक है। महिला बाल विकास विभाग का अमला इसे गंभीरता से लें और धरातल पर प्रयास करें। जिससे कि सकारात्मक परिणाम परिलक्षित हों। बैठक में सीएमएचओ, डीपीओ महिला बाल विकास विभाग, सभी बीएमओ, चिकित्सा अधिकारी, सीडीपीओ, सुपरवाइजर सहित अन्य अमला उपस्थित रहा।






