नसीमखान सांची
सांची ,,,
पश्चिमी देशों में जारी तनाव और युद्ध की स्थिति का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। सांची नगर में गैस सिलेंडर, सीएनजी और अन्य ईंधनों को लेकर उपभोक्ताओं के बीच चिंता और असमंजस का माहौल बनता जा रहा है।
जानकारी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे संघर्ष के चलते डीजल, पेट्रोल, सीएनजी गैस तथा घरेलू गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर आशंकाएं बढ़ गई हैं। हालांकि शासन-प्रशासन द्वारा पर्याप्त भंडारण और आपूर्ति बनाए रखने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति में समय-सीमा तय होने से उपभोक्ताओं में बेचैनी देखी जा रही है, वहीं बाजारों में कमर्शियल गैस की कमी का असर सीधे तौर पर व्यापारियों पर पड़ रहा है। दूसरी ओर, डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों से राहत पाने के लिए सीएनजी पर निर्भर हुए वाहन चालकों के सामने भी संकट खड़ा हो गया है।
सीएनजी गैस की सीमित उपलब्धता और चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर ही इसकी सुविधा होने के कारण वाहन चालकों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। इसके साथ ही हाल के दिनों में बिजली आपूर्ति में आ रही दिक्कतों ने समस्या को और बढ़ा दिया है।
इधर, सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों ने लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया है। प्रशासन भले ही स्थिति सामान्य होने का दावा कर रहा हो, लेकिन आमजन के बीच असमंजस और असुरक्षा का माहौल साफ तौर पर महसूस किया जा सकता है।
युद्ध भले ही दूर हो, लेकिन उसकी तपिश अब आम आदमी की रसोई और सफर दोनों को प्रभावित करने लगी है। इस मामले में गैस ऐजेंसी संचालक शैलेन्द्र वर्मा ने बताया कि गैस की कमी नहीं है उज्जवला गैस अंतिम टंकी के पश्चात 25- 45 दिन मे उपभोक्ता को मिलने का प्रावधान है उपभोक्ता जब बुकिंग करता है तब कंपनी से ही उपभोक्ता तक मैसेज पहुंच जाता हैं कभी सर्वर की गडबडी के कारण उपभोक्ता तक मैसेज भेजने में देरी हो जाती है ।





