दीपक कुमार गर्ग
शहडोल/जयसिंहनगर।
जनपद पंचायत जयसिंहनगर की ग्राम पंचायत तेंदूडोल में पुलिया निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि निर्माण कार्य में फर्जी बिल लगाकर शासकीय राशि का आहरण किया गया है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिया निर्माण कार्य में ऐसे फर्मों के बिल लगाए गए हैं जो अस्तित्व में ही नहीं हैं। हैरानी की बात यह भी है कि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही संबंधित फर्मों के खातों में राशि जमा कर दी गई थी। इतना ही नहीं, साइकिल एवं हार्डवेयर की दुकानों के नाम पर रेत और गिट्टी जैसे निर्माण सामग्री के बिल प्रस्तुत किए गए, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच, सचिव और ठेकेदार की मिलीभगत से गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य कराया गया है। पुलिया का निर्माण हंसु सिंह के खेत के पास पांचवें राज्य वित्त आयोग योजना के अंतर्गत किया गया था, जो अब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है।
ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत जनपद पंचायत में भी की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। आरोप यह भी है कि संबंधित इंजीनियर और अधिकारियों की लापरवाही के कारण निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा, जिससे नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है।
यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो पंचायत स्तर पर हो रहे कई अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है।
जांच और कार्रवाई के अभाव में पंचायतों में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। इस मामले में जब सरपंच से संपर्क करना चाहा तो संपर्क नहीं हो सका।





