नसीमखान सांची
सांची,,,नगर सहित राष्ट्रीय राजमार्ग और विभिन्न गलियों में इन दिनों तेज रफ्तार से दौड़ते दुपहिया वाहन लोगों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। अनेक स्थानों पर नाबालिग एवं युवा वाहन चालक बिना यातायात नियमों की परवाह किए तेज गति से वाहन चलाते देखे जा सकते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है।
जानकारी के अनुसार नगर और राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई दुपहिया वाहन चालक लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते नजर आते हैं। ऐसे चालकों को न तो अपनी सुरक्षा की चिंता दिखाई देती है और न ही अन्य राहगीरों की। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार कुछ वाहन चालक नशे की हालत में भी वाहन चलाते देखे जाते हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा और बढ़ जाता है।
हाल ही में सांची-विदिशा मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में तेज गति से जा रही मोटरसाइकिल पीछे से ट्रक में जा घुसी। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में उपचाररत है। इस घटना के बाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था और पुलिस की निगरानी को लेकर फिर चर्चा तेज हो गई है।
सरकार और न्यायालय द्वारा दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया है, ताकि दुर्घटना की स्थिति में जनहानि कम हो सके। समय-समय पर पुलिस द्वारा हेलमेट एवं यातायात नियमों के पालन के लिए अभियान भी चलाए जाते हैं। हालांकि कार्रवाई के दौरान कई वाहन चालक विरोध जताते हुए पुलिस पर अवैध वसूली जैसे आरोप लगाने लगते हैं, जिससे नियमित अभियान प्रभावित होते हैं।
नगरवासियों का मानना है कि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा नियमित और प्रभावी यातायात जांच अभियान चलाए जाने के साथ-साथ वाहन चालकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए हेलमेट पहनने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए। जनसहयोग और सतत निगरानी से ही सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।यातायात नियमों का पालन केवल कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि स्वयं और दूसरों के जीवन की सुरक्षा की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।





