नसीमखान सांची, रायसेन
सांची,,, विदिशा रोड स्थित निर्माणाधीन मधुरम होटल से बिजली के तांबे के तार चोरी करने वाले चार आरोपियों को सांची पुलिस ने गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गए हेवल्स कंपनी के तार, जला हुआ तांबा, नगदी तथा चोरी में प्रयुक्त वाहन बरामद किए हैं। पुलिस ने वारदात का खुलासा मात्र 16 दिनों में कर दिया।
जानकारी के अनुसार 3 जुलाई 2026 को फरियादी अभिषेक महेश्वरी, निवासी विदिशा ने थाना सांची में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 2-7-26 जुलाई की दरमियानी रात विदिशा रोड स्थित निर्माणाधीन मधुरम होटल के स्टोर रूम से हेवल्स कंपनी के तांबे के तारों के 134 बंडल अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। रिपोर्ट पर थाना सांची में अपराध क्रमांक 135/26, धारा 309(6) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी आर.बी. शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। विवेचना के दौरान होटल सहित विदिशा-भोपाल मार्ग पर लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
पुलिस ने भोपाल के गांधीनगर क्षेत्र से अभयसिंह (22), गौरव ठाकरे (18), प्रकाश मराठी (23) तथा चंद्रराज (50) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। न्यायालय से पुलिस रिमांड मिलने के बाद आरोपियों ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। आरोपियों ने बताया कि चोरी किए गए कुछ तार जलाकर बेच दिए थे, जबकि शेष तार छिपाकर रखे हुए थे।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 35 बंडल हेवल्स कंपनी के तांबे के तार, करीब 10 किलोग्राम जला हुआ तांबा, 49 हजार रुपये नगद तथा कुल लगभग दो लाख रुपये का चोरी गया माल बरामद किया। इसके अलावा चोरी में प्रयुक्त एक ऑटो (कीमत लगभग चार लाख रुपये) एवं एक मोटरसाइकिल (कीमत लगभग 60 हजार रुपये) भी जब्त की गई।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी आर.बी. शर्मा, उपनिरीक्षक चंद्रपाल सिंह, प्रधान आरक्षक मनोज सेन, गणेशराम, ध्रुव सिंह, सुरेश गोहे, रामकरण शर्मा तथा आरक्षक सौरभ रघुवंशी, देवेंद्र अहिरवार, योगेश रघुवंशी, महिला आरक्षक निधि तिवारी एवं शिवानी रघुवंशी की सराहनीय भूमिका रही।
सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित विवेचना के दम पर सांची पुलिस ने महज 16 दिनों में चोरी की इस बड़ी वारदात का सफल खुलासा कर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।


