सीलिंग में भी सुविधा! भोपाल में नगर निगम ने छोड़ा ‘दूसरा रास्ता’, 102 प्रतिष्ठानों के खुद के ताले को माना बंद

रहवासी इलाकों में कारोबार पर बड़ी कार्रवाई, नगर निगम ने सिर्फ 7 प्रतिष्ठानों को किया सील; 102 के खुद के ताले को ही माना बंद

रिपोर्ट : अजय अहिरवार|Live khabar India

भोपाल। राजधानी भोपाल के रहवासी इलाकों में चल रहे व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई अब चर्चा में है। निगम ने रहवासी क्षेत्रों में नियमों के विपरीत संचालित हो रहे प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई शुरू की है। लेकिन इस कार्रवाई में एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। नगर निगम ने अब तक सिर्फ 7 प्रतिष्ठानों पर अपनी सील लगाई, जबकि 102 प्रतिष्ठानों के खुद के लगाए ताले को ही बंद मान लिया गया।

यानी जिन प्रतिष्ठानों के संचालकों ने कार्रवाई से पहले या कार्रवाई के दौरान खुद ताला लगा दिया, वहां निगम ने अलग से अपनी सील लगाने के बजाय उस बंदी को ही पर्याप्त माना।

रहवासी क्षेत्र में कारोबार पर निगम की नजर

भोपाल के कई ऐसे इलाके हैं जहां आवासीय उपयोग के लिए निर्धारित परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इनमें दुकान, कार्यालय, कोचिंग, संस्थान और अन्य कारोबारी गतिविधियां शामिल हैं।

नगर निगम ने ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान कर कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान कई जगह निगम की टीम पहुंची और प्रतिष्ठानों को बंद कराया गया।

अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों पर निगम ने बाकायदा सील लगाई, जबकि बड़ी संख्या में ऐसे प्रतिष्ठान भी मिले जहां पहले से ही संचालकों की ओर से ताला लगा हुआ था।

7 प्रतिष्ठानों पर निगम की सील, 102 में खुद लगा था ताला

इस पूरी कार्रवाई में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि नगर निगम ने सिर्फ 7 प्रतिष्ठानों को सील किया, जबकि 102 प्रतिष्ठानों के खुद के ताले को ही बंदी माना।

इससे सीलिंग की कार्रवाई का तरीका भी सामने आता है। निगम की टीम जब किसी प्रतिष्ठान पर पहुंचती है और वहां पहले से ताला लगा मिलता है तो उस स्थिति में निगम की ओर से अलग से सील लगाने की जरूरत नहीं मानी गई।

इस तरह बड़ी संख्या में प्रतिष्ठान बिना निगम की अतिरिक्त सीलिंग के ही बंद हो गए।

पिछली कार्रवाई के बाद फिर खुल गए थे प्रतिष्ठान

रिपोर्ट में यह भी सवाल उठाया गया है कि कार्रवाई के बाद कई प्रतिष्ठान दोबारा खुलने की स्थिति में आ गए। यही वजह है कि निगम की इस बार की कार्रवाई पर निगरानी और प्रभावी अमल को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

खबर के मुताबिक पिछली बार कुछ प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई के अगले ही दिन ताले खुल गए थे। इस बार निगम ने सीलिंग की कार्रवाई के साथ बंद प्रतिष्ठानों पर नजर रखने की कोशिश की है।

यानी अब सवाल सिर्फ प्रतिष्ठान को बंद कराने का नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने का भी है कि कार्रवाई के बाद संबंधित जगह पर दोबारा व्यावसायिक गतिविधि शुरू न हो।

नोटिस के बाद भी खुली दुकानें तो कार्रवाई

नगर निगम की कार्रवाई से पहले संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए जाने की प्रक्रिया भी अपनाई गई। खबर में ऐसे मामलों का उल्लेख है जहां नोटिस दिए जाने के बावजूद प्रतिष्ठान खुले मिले।

ऐसे मामलों में निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।

वहीं कुछ मामलों में दुकान या प्रतिष्ठान पहले से बंद मिले। ऐसे स्थानों पर संचालक द्वारा लगाए गए ताले को ही बंदी मान लिया गया।

सीलिंग के बाद की तस्वीर भी आई सामने

खबर में एक ऐसे प्रतिष्ठान की तस्वीर भी प्रकाशित की गई है, जहां निगम की ओर से सील लगाई गई है। वहीं दूसरी तस्वीर में बंद दुकान के बाहर लगा ताला दिखाई दे रहा है।

इससे साफ है कि निगम की कार्रवाई दो तरह से हुई—एक तरफ जहां जरूरत समझी गई वहां निगम ने सील लगाई, वहीं दूसरी तरफ पहले से बंद प्रतिष्ठानों को उसी स्थिति में बंद माना गया।

नरेला-मध्य में सबसे ज्यादा सीलिंग

अखबार की रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक नरेला-मध्य क्षेत्र में सबसे ज्यादा सीलिंग कार्रवाई सामने आई है। वहीं तीन जोन ऐसे भी रहे जहां एक भी निगम सील नहीं लगाई गई।

यह आंकड़ा यह भी बताता है कि अलग-अलग जोन में रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों और निगम की कार्रवाई की स्थिति एक जैसी नहीं है।

कुछ जोन में कार्रवाई अपेक्षाकृत अधिक हुई, जबकि कुछ क्षेत्रों में निगम की ओर से सील लगाने की जरूरत नहीं पड़ी।

व्यापारियों के सामने अब नया संकट

रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई का असर कारोबारियों पर भी पड़ रहा है। कई व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय से चल रहे कारोबार को अचानक बंद करने से उनके सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो सकती है।

दूसरी ओर नगर निगम का तर्क है कि आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित नहीं की जा सकतीं। ऐसे में नियमों का पालन कराना निगम की जिम्मेदारी है।

यही वजह है कि आने वाले दिनों में इस तरह की कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।

सवाल यह भी—खुद ताला लगाकर बच जाएंगे?

इस कार्रवाई के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर किसी प्रतिष्ठान का संचालक निगम की टीम के पहुंचने से पहले ही खुद ताला लगा दे तो क्या सिर्फ उस ताले को बंदी मानना पर्याप्त होगा?

क्योंकि अगर बाद में वही ताला खोलकर कारोबार शुरू कर दिया गया तो निगम की कार्रवाई का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है।

इसलिए अब निगरानी की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है। सिर्फ सीलिंग या ताला लगाना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि यह देखना होगा कि संबंधित परिसर में दोबारा वही व्यावसायिक गतिविधियां शुरू न हों।

कार्रवाई आगे बढ़ी तो और प्रतिष्ठान आ सकते हैं दायरे में

भोपाल के रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। जिन क्षेत्रों में नियमों के उल्लंघन की शिकायतें या पहचान सामने आ रही है, वहां आगे भी कार्रवाई हो सकती है।

ऐसे में आने वाले दिनों में सील किए गए प्रतिष्ठानों की संख्या बढ़ सकती है।

आखिर पूरा मामला क्या है?

  • भोपाल के रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों पर नगर निगम की कार्रवाई।
  • अब तक 7 प्रतिष्ठानों पर निगम ने सील लगाई।
  • 102 प्रतिष्ठानों के खुद के ताले को बंदी माना गया।
  • नरेला-मध्य क्षेत्र में सबसे ज्यादा सीलिंग की कार्रवाई
  • तीन जोन में एक भी निगम सील नहीं लगाई गई।
  • कार्रवाई के बाद प्रतिष्ठानों के दोबारा खुलने पर निगरानी बड़ी चुनौती।
  • निगम का फोकस आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत चल रहे कारोबार पर है।


भोपाल के रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की बड़ी कार्रवाई। 7 प्रतिष्ठान सील किए गए, जबकि 102 के खुद के ताले को ही बंद माना गया।

Live khabar india

Related Posts

सांची क्षेत्र में जुआ खेलते चार लोग पकड़े, 6060 रुपये जब्तचिरहोली गांव में बबूल के पेड़ के नीचे ताश के पत्तों पर लग रहे थे हार-जीत के दांव

नसीम खान सांची,,, दशहरा ड्यूटी के दौरान पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम चिरहोली में जुआ खेलते चार लोगों को पकड़ा। पुलिस ने मौके से कुल 6060 रुपये नकद…

सांची में देर रात तक चला दशहरा समारोह, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा नगरआकर्षक झांकियों के दर्शन को उमड़ा जनसैलाब, झांकी समितियों सहित सहयोगियों का किया सम्मान

नसीम खानसांची,,, नगर के बस स्टैंड परिसर में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी दशहरा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक रावण के पुतले का…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

विदिशा में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, पुतला दहन रोकने के लिए पुलिस ने की पानी की बौछार

विदिशा में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, पुतला दहन रोकने के लिए पुलिस ने की पानी की बौछार

सांची क्षेत्र में जुआ खेलते चार लोग पकड़े, 6060 रुपये जब्तचिरहोली गांव में बबूल के पेड़ के नीचे ताश के पत्तों पर लग रहे थे हार-जीत के दांव

सांची क्षेत्र में जुआ खेलते चार लोग पकड़े, 6060 रुपये जब्तचिरहोली गांव में बबूल के पेड़ के नीचे ताश के पत्तों पर लग रहे थे हार-जीत के दांव

सांची में देर रात तक चला दशहरा समारोह, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा नगरआकर्षक झांकियों के दर्शन को उमड़ा जनसैलाब, झांकी समितियों सहित सहयोगियों का किया सम्मान

सांची में देर रात तक चला दशहरा समारोह, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा नगरआकर्षक झांकियों के दर्शन को उमड़ा जनसैलाब, झांकी समितियों सहित सहयोगियों का किया सम्मान

असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक दशहरा महोत्सव की तैयारियां पूरी मंगलवार को होगा रावण दहन।

असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक दशहरा महोत्सव की तैयारियां पूरी मंगलवार को होगा रावण दहन।

विकासखण्ड स्तर पर ही होगा आमजन की समस्याओं का समाधाननागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान हेतु अब जिला मुख्यालय नहीं आना पड़ेगाकलेक्टर श्री सिसोनिया ने विकासखण्ड स्तरीय जनसुनवाई को और अधिक प्रभावी बनाने दिए निर्देश

विकासखण्ड स्तर पर ही होगा आमजन की समस्याओं का समाधाननागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान हेतु अब जिला मुख्यालय नहीं आना पड़ेगाकलेक्टर श्री सिसोनिया ने विकासखण्ड स्तरीय जनसुनवाई को और अधिक प्रभावी बनाने दिए निर्देश

कलेक्टर तथा एसपी ने छींद मंदिर पहुंचकर दशहरा पर्व के दृष्टिगत की जा रहीं व्यवस्थाओं का लिया जायजाबरेली में एसडीएम एवं तहसील कार्यालय का भी किया निरीक्षण

कलेक्टर तथा एसपी ने छींद मंदिर पहुंचकर दशहरा पर्व के दृष्टिगत की जा रहीं व्यवस्थाओं का लिया जायजाबरेली में एसडीएम एवं तहसील कार्यालय का भी किया निरीक्षण