वसीम कुरैशी रिपोर्टर
भोपाल के व्यक्ति का रायसेन में एक्सीडेंट, मौत:परिजनों का आरोप समय पर नहीं मिला इलाज, 108 मौके पर ही नहीं आई, घण्टों घायल तड़पता रहा पलंग पर
रायसेन।
रायसेन ,,भोपाल के सेमरा चांदबढ़ में रहने वाले व्यक्ति की दोपहर रायसेन जिले के लखनपुर और बांसदेही गांव के बीच सड़क हादासे में घायल हो गए। परिजनों का आरोप है कि रांग साइड से आ रहे बाइक चालक ने उनकी बाइक को सामने से जोरदार टक्कर मारी थी। इस हादसे में घायल व्यक्ति करीब डेढ़ घंटे तक घटना स्थल पर ही तड़पता रहा। 108 एम्बुलेंस गाड़ी को कई कॉल करने के बाद भी मौके पर नहीं पहुंची थी। बाद में घायल को निजी वाहन से बेगमगंज के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया।
जहां से प्रारंभिक इलाज के बाद उन्हें रायसेन जिला अस्पताल में एम्बुलेंस के जरिये भेजा गया। यहां भी कोई सीनियर डॉक्टर नहीं मिला। बाद में परिजन उन्हें प्राइवेट वाहन से भोपाल ले आए। यहां अयोध्या बाइपास में स्थित जिंदल अस्पताल में उन्हें भर्ती करा दिया गया। इलाज के दौरान मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात दो बजे उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने मौत का कारण अधिक खून बेहना बताया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक राधेश्याम विश्वकर्मा (55) पुत्र गया प्रसाद विश्वकर्मा निवासी सेमरा-चांदबढ़ भोपाल में कारपेंटर थे। उनका बेटा 18 साल का दीपक जबकि बेटी 22 साल की रोशनी है। रोशनी की 2020 में शादी हो चुकी है। राधेश्याम अपने बेटे दीपक के साथ रायसेन स्थित बेगमगंज के नजदीक किशनगंज गांव गए थे। यहां उनकी ससुराल है।ससुराल वालों से मुलाकात करने के बाद दोपहर बेटे के साथ बाइक पर सवार होकर लौट रहे थे। लखनपुर और किशनगंज गांव के बीच उनकी बाइक को सामने से आ रहे बाइक सवार ने जोरदार टक्कर मार दी।
पेट में हैंडल घुसने से गंभीर चोट आई….
मृतक राधेश्याम के रिश्तेदार राजकुमार विश्कर्मा ने बताया कि टक्कर मारने वाले वाहन का चालक रांग साइड से आ रहा था। हादसे में राधेश्याम के पेट में बाइक का हैंडल घुसने के कारण गंभीर चोट आई थी। उनका सिर फूट चुका था।जबकि जबड़ा टूट गया था। घटना के समय बाइक पर दीपक पीछे बैठा था। टक्कर के बाद वह दूर जा गिरा था।इससे उसके हाथ पांव में मामूली चोट आई हैं। दीपक ने ही 108 एम्बुलेंस को कॉल किया था। करीब डेढ़ घंटे तक एम्बुलेंस मौके पर नहीं आई। तब राहगीर की मदद से निजी वाहन से उसने पिता को बेगमगंज के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। यहां पिता को फर्स्ट एड देने के बाद रायसेन के जिला अस्पताल में इलाज के दिए भेज दिया गया।
सीटी स्केन के लिए एक दिन इंतेजार करने को कहा…..
मृतक मृतक राधेश्याम विश्वकर्मा के अन्य रिश्तेदार कल्याण विश्वकर्मा ने बताया कि रायसेन के सरकारी जिला अस्पताल में राधेश्याम को मामूली मरहम पट्टी कर यूं ही छोड़ दिया गया। कुछ समय बाद डॉक्टरों ने बताया कि अवकाश होने के कारण अस्पताल में कोई सीनियर डॉक्टर नहीं है। सीटी स्केन के लिए एक दो दिन तक इंतजार करना होगा। तब तक परिजन रायसेन पहुंच चुके थे। वे उन्हें लेकर भोपाल लेकर आए। यहां जिंदल अस्पताल में भर्ती किया गया। खून अधिक बहने के कारण इस समय तक राधेश्याम विश्वकर्मा बेसुध हो चुके थे। 24 घंटे चले इलाज के बाद उनकी मौत हो गई।
नसीम खान संपादक






