वसीम कुरैशी रिपोर्टर
रायसेन।रायसेन जिले में तेज बारिश के बीच महिला के शव का बमुश्किल तिरपाल की मदद से अंतिम संस्कार किया गया। लोगों ने तिरपाल के सहारे बारिश की झड़ी के पानी को रोकने की कोशिश की। फिर भी लकड़ी भीग गई। इसके बाद पेट्रोल डालकर शव को भारी मशक्कत कर जलाना पड़ा। यह मामला गैरतगंज तहसील के सीहोरा खुर्द गांव का है।
दरअसल,सिहोरा खुर्द गांव की एक महिला प्रमिला अहिरवार (50) की रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। शव के पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को शव परिजनों के सुपुर्द किया गया। गांव के शमशान घाट में टीनशेड भी नहीं था। वहां तक जाने का रास्ता भी कच्चा था।
बारिश से बचने तिरपाल से ढंका शव, लकडियां भी हुई गली…..
परिजन मृतिका के शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव के श्मशान घाट ले जाने लगे। इस दौरान तेज बारिश होने लगी। श्मशान घाट पहुंचने का एप्रोच रोड भी कच्चा था। परिजनों ने बारिश थमने का काफी देर तक इंतजार किया। लेकिन जब बारिश नहीं थमी तो परिजन और रिश्तेदार अंतिम संस्कार के लिए शव को तिरपाल से ढंककर ले गए। इस दौरान दाह संस्कार की लकड़ियां और कंडे बारिश में पूरी तरह भीग गए थे।बारिश जब नहीं थमी तो ग्रामीजनों को पेट्रोल छिड़ककर शव को पन्नी के तिरपाल के सहारे जलाना पड़ा।
ग्रामीण बोले- शमशान घाट पर मूलभूत सुविधा नहीं
अंतिम संस्कार में शामिल होने आए लोग भी बारिश में भीगते रहे। ग्रामीणों ने सरपंच-सचिव से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देकर इस समस्या से अवगत कराया है। गांव के अशोक, महेंद्र अहिरवार सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि सीहोरा खुर्द गांव के श्मशान घाट में ही मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिसके चलते उन्हें परेशानियां उठानी पड़ रही है। गांव से श्मशान घाट तक का रोड नहीं बना है। इससे बारिश में यहां कीचड़ हो जाता है। आने-जाने में काफी परेशानी होती है।
नसीम खान संपादक






